वाराणसी , जनवरी 1 -- वाराणसी में बड़ागांव थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को आतंकी हमले में फंसाने की बात कहकर कई दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और 28 लाख रुपये ठग लिए।

विरापट्टी निवासी रामजनम प्रसाद ने साइबर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। छह दिसंबर को पीड़ित के मोबाइल पर कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस लखनऊ का अधिकारी बताया। उसने कहा कि पहलगाम हमले में पीड़ित का नाम जुड़ा हुआ पाया गया है। फिर ठगों ने वॉट्सएप कॉल पर लंबी बातचीत कर पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया। यह सिलसिला धीरे-धीरे कई दिनों तक चलता रहा।

15 दिसंबर और 24 दिसंबर के बीच ठगों ने 28 लाख रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे दिया। साथ ही पीड़ित को चेतावनी दी कि पैसों की बात किसी से न कहें, वरना फोर्स उठा ले जाएगी। बाद में पीड़ित को पता चला कि वर्दी में दिख रहे लोग साइबर ठग थे। पीड़ित इतने डरे-सहमें थे कि उन्होंने पूरा घटनाक्रम परिजनों से भी छिपाया। बातचीत के दौरान कमरा बंद कर लेते थे और परिजनों के पूछने पर टाल देते थे।

साइबर क्राइम थाना प्रभारी गोपाल जी कुशवाहा ने बताया कि इस तरह की घटनाओं में पीड़ित इतना डर जाता है कि वह कुछ बताना भी नहीं चाहता। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने पर बात सामने आती है। प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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