कोलकाता , मार्च 24 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को हिंसा और खतरों से मुक्त बनाने के प्रयास के तहत राज्य सरकार ने सभी सरकारी विभागों और अधिकारियों के लिए निर्देशों का एक व्यापक सेट जारी किया है जिसमें स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय की ओर से 22 मार्च को जारी अधिसूचना में चुनावों के दौरान पारदर्शिता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि मताधिकार का प्रयोग करते समय किसी भी व्यक्ति को धमकाया या मजबूर न किया जाए। निर्देश में इस बात पर जोर दिया गया है कि चुनाव प्रलोभन मुक्त होने चाहिए, जिसमें पैसे या उपहारों के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास को प्रतिबंधित किया गया है।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह के फर्जी मतदान, 'बूथ कैप्चरिंग' या 'छप्पा' वोटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। मतदान केंद्रों पर किसी भी गैर-कानूनी जमावड़े को रोकने के लिए भी कड़े कदम उठाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, मतदाताओं की आवाजाही को प्रतिबंधित करने के किसी भी प्रयास (सोर्स जैमिंग) पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिसूचना में सरकारी कर्मचारियों के बीच अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी परिस्थिति में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन न हो। सभी स्तरों के अधिकारियों को सतर्क और जवाबदेह रहने का निर्देश दिया गया है।

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