कोलकाता , मार्च 19 -- वाम मोर्चा ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए अपने 32 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की।
इस सूची में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा ) के वरिष्ठ नेता मोहम्मद सलीम और सुजन चक्रवर्ती का नाम न होना खास तौर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ये दोनों ही नेता पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में चुनाव लड़े थे। इस सूची में घोषित 32 उम्मीदवारों में से 28 माकपा के हैं, जबकि एक उम्मीदवार रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आएसपी) की ओर से और तीन उम्मीदवार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की ओर से मैदान में उतारे गए हैं। हालांकि, श्री सलीम और श्री चक्रवर्ती को सूची से बाहर रखे जाने के फैसले ने राजनीतिक गलियारों में सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि एक नये आंतरिक दिशानिर्देश के तहत माकपा के प्रदेश सचिवालय के सदस्यों के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई है। इस नियम में केवल मीनाक्षी मुखर्जी और देबोलीना हेंब्रम को ही अपवाद के तौर पर छूट दी गई है।
इससे पहले सोमवार को वाम दलों ने 192 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया था, जिसमें मुर्शिदाबाद की रानीनगर और कोलकाता की टॉलीगंज सीटों को उनके राजनीतिक महत्व के बावजूद छोड़ दिया गया था। पार्टी के कुछ हिस्सों ने कथित तौर पर श्री सलीम को रानीनगर से और श्री चक्रवर्ती को टॉलीगंज से चुनाव लड़ने के लिए ज़ोर दिया था। अंततः दोनों नेताओं ने चुनाव न लड़ने का फ़ैसला किया। माकपा ने इसके बजाय रानीनगर से स्थानीय नेता जमाल हुसैन को मैदान में उतारा है, जबकि जाधवपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर पार्थ प्रतीम बिस्वास टॉलीगंज से चुनाव लड़ेंगे।
उम्मीदवारों की घोषणा राज्य पार्टी मुख्यालय अलीमुद्दीन स्ट्रीट में हुई वाम दलों की बैठक के बाद की गयी। इस बैठक में फ़ॉरवर्ड ब्लॉक का कोई भी प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। वाम दलों के अध्यक्ष बिमान बोस ने भी खराब सेहत का हवाला देते हुए संवाददाता सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया। इस सूची में अनुभवी और नए चेहरों का मिला-जुला रूप देखने को मिलता है। पूर्व सांसद पुलिन बिहारी बास्के झाड़ग्राम के नयाग्राम से चुनाव लड़ेंगे, जबकि पूर्व विधायक रामशंकर हलदर को दक्षिण 24 परगना के कुलतली से मैदान में उतारा गया है।
माकपा के पूर्वी मिदनापुर ज़िला सचिव निरंजन सिही को पानस्कुरा पश्चिम से उम्मीदवार बनाया गया है। युवा उम्मीदवारों में, जाधवपुर विश्वविद्यालय की शोधकर्ता अफ़रीन शिल्पी बेगम को बालीगंज से मैदान में उतारा गया है।
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