कोलकाता , दिसंबर 28 -- पश्चिम बंगाल की एक अदालत ने रविवार को लियोनेल मेसी की हालिया भारत यात्रा के मुख्य आयोजक शताद्रु दत्ता की जमानत याचिका खारिज कर दी।
अदालत ने साल्ट लेक स्टेडियम में अर्जेंटीना के फुटबॉल दिग्गज के कार्यक्रम के दौरान हुई तोड़फोड़ के संबंध में शताद्रु दत्ता को 14 दिनों की और पुलिस हिरासत में भेज दिया।
यह तीसरी बार है जब बिधाननगर एसीजेएम अदालत ने शताद्रु की जमानत याचिका खारिज की है। राज्य सरकार के वकील ने कहा कि उनकी रिहाई से चल रही आयोग की जांच और विशेष जांच दल (एसआईटी) जांच प्रभावित हो सकती है क्योंकि वह 'बहुत प्रभावशाली हैं और देश से भाग सकते हैं'।
गौरतलब है कि शताद्रु दत्ता को 13 दिसंबर को नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मेसी के साथ हैदराबाद जाने वाली उड़ान में सवार होने से पहले गिरफ्तार किया गया था।
अशांति तब शुरू हुई जब महंगे टिकट खरीदने वाले प्रशंसक इस बात से नाराज हो गए कि वे मेसी को नहीं देख सके क्योंकि वे मैदान पर मशहूर हस्तियों से घिरे हुए थे।
पुलिस ने राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी से मिले सुरागों के आधार पर दत्ता के विभिन्न बैंक खातों से 22 करोड़ रुपये पहले ही जब्त कर लिये हैं और हाल ही में उनके रिसड़ा स्थित आवास पर छापेमारी के बाद खातों को फ्रीज कर दिया है।
विशेष लोक अभियोजक बिभाष चटर्जी ने अदालत को बताया कि दत्ता एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उनके प्रबंधन के तहत इस आयोजन के लिए लगभग 34,567 खरीदारों को 19 करोड़ रुपये के टिकट बेचे गए थे।
आयोजक के वकील ने अदालत को बताया कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और स्टेडियम में हुए हंगामे से उसका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि भारत यात्रा के दौरान मेसी हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली जहां भी गए वहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई।
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