जयपुर , अप्रैल 27 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को चुनाव आयोग के खुद के हारने एवं जीतने का करार देते हुए सोमवार को कहा कि अगर वह जीतेगा तो बंगाल और देश को बर्बादी के रास्ते पर धकेल देगा।
श्री गहलोत ने पश्चिम बंगाल दौरे से लौटने के बाद सोमवार को जयपुर हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत में बंगाल चुनाव में माहौल को लेकर किए सवाल पर यह आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग हार गया तो एक सबक मिलेगा चुनाव आयोग को भी कि सब कुछ कर लिया तब भी जीत नहीं पाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में हथकंडे वाला कैंपेन, चुनाव का हथकंडे वाला मैनेजमेंट एवं हथकंडे से जीतने का षड्यंत्र चलने का आरोप लगाया हैं। उन्होंने कहा कि चार तारीख का इंतजार कीजिए। ऐसा माहौल है, अच्छा संघर्ष हो रहा है वहां पर और पहले कहना आसान नहीं है। चुनाव इस प्रकार का हो रहा है कि अभी भविष्यवाणी नहीं हो सकती है।
उन्होंने कहा कि वो लोग धन एवं चुनाव आयोग का इतना दुरुपयोग कर रहे हैं कि आजादी के बाद में इस बार बंगाल में जो चुनाव आयोग की भूमिका हुई है , इस प्रकार का माहौल कभी नहीं देखा गया। एसआईआर का आतंक अलग है। नब्बे लाख वोट कट गए, उसमें 31 लाख वोट सही पाए गए।
श्री गहलोत ने लोकतंत्र को बचाना चुनाव आयोग की पहली ड्यूटी बताते हुए कहा कि चाहे कोई जीतो, चुनाव निष्पक्ष हो, सबसे बड़ी जिम्मेदारी किसी की है तो है वह चुनाव आयोग की है और लोकतंत्र तभी बचता है जब निष्पक्ष चुनाव हो और चुनाव में कोई पार्टी जीते अलग बात है। उन्होंने कहा कि वहां पर जो सड़कों पर उतारी गई सीआईएसएफ के या सीआरपीएफ के बंदूकें लगी बख्ताबंद गाड़ियां। इस रूप में वहां पर डराया एवं धमकाया गया और पैसे बांटे जा रहे हैं। मतलब कोई ऐसा साधन नहीं है जो उन्होंने नहीं लगाया हो।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, धन का दुरुपयोग हो रहा है। एसआईआर के माध्यम से वोट कट गए हैं कि लोग वोट दे नहीं पा रहे हैं। ऐसे माहौल में कैसे बताया जाये कि कौन जीत रहा है, कौन हार रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित