नयी दिल्ली , फरवरी 24 -- उच्चतम न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) कार्य में तेजी लाने के लिए, यदि आवश्यक हो, तो राज्य के बाहर के जिला न्यायाधीशों को तैनात किया जा सकता है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपिन पंचोली की पीठ ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि इस कार्य के लिए जिला न्यायाधीशों, अतिरिक्त जिला न्यायाधीशों और सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों की मदद ली जा सकती है।
उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को यह अधिकार दिया है कि अगर उन्हें अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता महसूस होती है, तो वे ओडिशा और झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों से संपर्क कर सकते हैं। वे इन राज्यों के सेवारत या सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों को सत्यापन कार्य के लिए बुला सकेंगे। इन बाहरी अधिकारियों के यात्रा, ठहरने और भोजन का पूरा खर्च निर्वाचन आयोग द्वारा वहन किया जाएगा।
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