ब्रसेल्स , फरवरी 28 -- अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने शनिवार को चिंता जताई और शांति कायम करने का आह्वान करते हुए क्षेत्रीय समस्या के कूटनीतिक समाधान पर ज़ोर दिया।
फ्रांस ने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा कि मौजूदा हालात अत्यंत गंभीर हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान को अपने परमाणु और बैलिस्टिक कार्यक्रमों तथा क्षेत्रीय गतिविधियों पर "सद्भावना के साथ" वार्ता में शामिल होना होगा। फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की और कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह अपने निकटतम साझेदारों की सुरक्षा के लिए संसाधन तैनात करने को तैयार है।
रूस के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है। रूस ने एक बयान में इसे "पूर्व-नियोजित और बिना उकसावे की गयी आक्रामकता" बताया और मध्य पूर्व की स्थिति को तत्काल कूटनीतिक माध्यमों से संभालने की मांग की।
ब्रिटेन सरकार ने कहा कि वह स्थिति के और अधिक बिगड़ने की पक्षधर नहीं है। 'स्काई न्यूज' के अनुसार, एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन के पास क्षेत्र में अपने सहयोगियों की सुरक्षा के लिए रक्षात्मक क्षमताएं मौजूद हैं और उन्हें हाल में मजबूत किया गया है। प्रवक्ता ने कहा, "हम व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं देखना चाहते।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और इसी कारण ब्रिटेन वार्ता आधारित समाधान का समर्थन करता रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ब्रिटेन ने अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई में भाग नहीं लिया।
जर्मन सरकार के प्रवक्ता स्टीफन कॉर्नेलियस ने कहा कि संघीय सरकार को शनिवार सुबह ईरान पर इजराइल की सैन्य कार्रवाई की पूर्व जानकारी दे दी गई थी।
स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय के संचार प्रमुख निकोलस बिदो ने रूसी समाचार एजेंसी को बताया कि स्विट्जरलैंड के माध्यम से ईरान और अमेरिका के बीच स्थापित संपर्क चैनल सक्रिय है। उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड, ईरान में अमेरिकी हितों का प्रतिनिधित्व करता है और दोनों देशों के बीच संवाद के लिए 'गुड ऑफिसेज' उपलब्ध कराता है।
यूरोपीय संघ (ईयू) ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है। ईयू ने घटनाक्रम को "गंभीर चिंता का विषय" बताया। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने संयुक्त बयान में सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पूर्ण सम्मान करने की अपील की। उन्होंने परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसे कदम उठाने से बचने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जो तनाव को और बढ़ा सकते हैं या वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था को कमज़ोर कर सकते हैं। ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने कहा कि मध्य पूर्व की स्थिति "अत्यंत जोखिमपूर्ण" है और क्षेत्र से गैर-आवश्यक यूरोपीय संघ कर्मियों को हटाया जा रहा है।
फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो ने कहा कि क्षेत्र में सैन्य तनाव फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है और हमलों तथा संभावित जवाबी कार्रवाई को जल्द से जल्द रोकना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फिनलैंड का मानना है कि ईरान की स्थिति का दीर्घकालिक समाधान खोजने के लिए संवाद और कूटनीति की ओर लौटना महत्वपूर्ण है।
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