बेतिया,17मार्च (वार्ता) बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में नाबालिग बच्चियों से वेश्यावृत्ति कराने के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के अनन्य विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने एक महिला को दोषी पाते हुए उसे बीस वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है और सत्तासी हजार रुपए अर्थ दंड भी लगाया है।
सजायफ्ता महिला शाहिदा खातून उर्फ राजनंदनी उर्फ खुशबू खातून मोतिहारी जिले के कोटवा थाना के मच्छरगांवा की रहने वाली है।वही न्यायाधीश ने इस कांड की तीनों पीड़िताओं को तीन तीन लाख रुपया बिहार पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत भी देने का आदेश दिया है।
विशेष लोक अभियोजक जय शंकर तिवारी ने बताया कि इस घटना की वादी कालीबाग थाने के पुरानी गुदरी निवासी एक महिला है। दिनांक 11 फरवरी 2025 को उसकी नाबालिक बच्ची घर से गायब हो गई थी, जिसके बाद इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने राजगुरू चौक स्थित एक कमरे से तीन अबोध लड़कियों को बरामद कर कोर्ट में प्रस्तुत कराया। जिसमें वादी की पुत्री भी शामिल थी। नाबालिक बच्चियों ने अपने बयान में बताया कि सजायाफ़्ता महिला उन तीनों बच्चियों को रामनगर ले गई। वहां सजायाफ्ता महिला तीनों को गलत काम करने के लिए बाध्य करती थी। उनसे वेश्यावृति कराती थी।
इसी मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के माध्यम से महज दस महीने में पूरी करते हुए विशेष न्यायाधीश ने यह सजा सुनाई है।
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