पठानकोट , फरवरी 26 -- पंजाब में पठानकोट के मामून सैन्य स्टेशन में गुरुवार को पश्चिमी कमान अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। पठानकोट के ध्यानचंद स्टेडियम में सैन्य भव्यता के साथ युद्ध क्षमता प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पश्चिमी कमान के सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने की। समारोह में सैन्य कर्मियों, उनके परिवारों, नागरिक प्रशासन, पुलिस, अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में नागरिक और बच्चे उपस्थित थे।
इस अवसर पर इकाइयों को उनकी अनुकरणीय सेवा और महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उत्कृष्टता, समर्पण और पेशेवर क्षमता की संस्कृति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पूरी पश्चिमी कमान के मनोबल को बढ़ाने वाला रहा। यह आयोजन राष्ट्र की सुरक्षा और स्वतंत्रता की रक्षा में इन बहादुर पुरुषों और महिलाओं द्वारा निभाई गयी महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है, विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन राहत के दौरान उनके योगदान ने आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया।
कार्यक्रम में निगरानी, सटीक मारक क्षमता , त्वरित बल गतिशीलता और एकीकृत मल्टी-डोमेन युद्ध में पश्चिमी कमान की विकसित होती क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया। भैरव बटालियन ने युद्ध दक्षता और सामरिक सटीकता का शानदार प्रदर्शन किया। युद्धक्षेत्र के डिजिटलीकरण और स्वदेशी ड्रोन निर्माण क्षमता में हुई प्रगति को दिखाया गया। विशेष रूप से 100 किलोमीटर से अधिक की रेंज वाले ड्रोनों का प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन कमान की दुश्मन के इलाके में गहराई तक सटीक वार करने और सामरिक युद्ध वातावरण को नियंत्रित करने की क्षमता को दर्शाता है।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने कहा कि यह अलंकरण समारोह असाधारण साहस, व्यावसायिकता और निस्वार्थ सेवा को मान्यता देता है। उन्होंने शहीद सैनिकों के बलिदान और दिग्गजों की विरासत से प्रेरणा लेने की बात कही। सैन्य कमांडर ने ऑपरेशन सिंदूर के सफल निष्पादन और भविष्य के किसी भी संघर्ष के लिए बढ़ी हुई तैयारियों पर जोर दिया। उन्होंने पश्चिमी कमान द्वारा बनाये रखी गई उच्च स्तरीय परिचालन तत्परता और हाल के अभियानों के दौरान प्रदर्शित संयुक्त कौशल की सराहना की। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के समर्थन में तकनीकी आधुनिकीकरण और अंतर-एजेंसी समन्वय के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
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