मेदीनीनगर , दिसंबर 29 -- झारखंड के पलामू जिले में बुजुर्ग की गला रेतकर हत्या किये जाने के मामले में बेटे समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।

जिले के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के डबरा गांव से 26 दिसंबर को पुलिस ने पच्चू मोची नामक बुजुर्ग का शव बरामद किया था। उनकी धारदार हथियार से गला रेतकर निर्मम हत्या की गई थी।

पुलिस अनुसंधान में जो खुलासे हुए, उन्होंने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पुलिस के अनुसार, करीब तीन महीने पहले पच्चू मोची के 4500 रुपये गुम हो गए थे। पैसे नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने घर के कुल देवता को कबाड़ में फेंक दिया था। इसके बाद मृतक के गोतिया धनंजय मोची के परिवार में लगातार घटनाएं घटने लगीं-धनंजय की मां और भाई की मौत हो गई, जबकि उसके दोनों बच्चे लंबे समय से बीमार रहने लगे।

इन घटनाओं को अंधविश्वास से जोड़ते हुए पच्चू मोची के बेटे गुड्डू मोची और धनंजय मोची को शक हुआ कि बुजुर्ग ने ओझा-गुणी के जरिए अनिष्ट कर दिया है। इसी अंधविश्वास ने हत्या की साजिश को जन्म दिया। दोनों ने मिलकर पच्चू मोची की हत्या की योजना बनाई।

पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि धनंजय मोची ने अपने साले सत्येंद्र कुमार के साथ मिलकर सुपारी किलिंग की योजना तैयार की थी। हत्या की सुपारी 40 हजार रुपये में तय हुई थी, जिसमें से गुड्डू मोची ने अपने पिता की हत्या के लिए धनंजय मोची को 7 हजार रुपये ट्रांसफर भी किए थे।

घटना के दिन तीनों सुपारी लेने वाले आरोपी गांव में रुके और मौका मिलते ही चाकू से पच्चू मोची का गला काटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने एक वीडियो भी बनाया, जिसे पुलिस ने उनके मोबाइल फोन से बरामद किया है।

पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि यह हत्या पूरी तरह अंधविश्वास से प्रेरित है और इसमें परिवार से जुड़े लोग ही शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में मृतक के बेटे गुड्डू मोची, धनंजय मोची, धनंजय के साले सत्येंद्र कुमार और सत्येंद्र के साले मुनेश्वर कुमार रवि को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार सभी आरोपी कम उम्र के हैं, जिनकी उम्र करीब 20 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। पुलिस अनुसंधान टीम में लेस्लीगंज थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय, सब-इंस्पेक्टर विक्रमशिला, राजू मांझी और अजय कुमार शामिल हैं।

घटना के बाद कई दिनों तक परिवार के सदस्य चुप्पी साधे रहे। पुलिस के दबाव के बाद ही परिजनों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने का आवेदन दिया गया। प्रारंभ में परिवार ने घटना की पूरी जानकारी पुलिस से साझा नहीं की थी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित