रांची , फरवरी 16 -- झारखंड के पलामू जिला में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) के नाम और फोटो का दुरुपयोग किया है।
जालसाजों ने एसपी की तस्वीर लगाकर एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार किया और उसके माध्यम से जिले के अधिकारियों व अन्य लोगों को संदेश भेजना शुरू कर दिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस फर्जी अकाउंट से अधिकारियों को मैसेज कर उन्हें भ्रमित करने, जरूरी जानकारी हासिल करने या आर्थिक सहायता की मांग करने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि समय रहते मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया और लोगों को आगाह किया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुलिस अधीक्षक या कोई भी वरिष्ठ अधिकारी कभी भी अज्ञात नंबर से व्यक्तिगत जानकारी, बैंक डिटेल्स या पैसों की मांग नहीं करते। यदि किसी अधिकारी की फोटो लगी प्रोफाइल से इस प्रकार का संदेश प्राप्त हो तो उसे नजरअंदाज करें।
पुलिस ने आम जनता और विभागीय कर्मियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध नंबर का जवाब न दें, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या अन्य निजी विवरण साझा न करें तथा तुरंत संबंधित नंबर को ब्लॉक कर स्थानीय थाना या साइबर सेल को सूचित करें।
फिलहाल पलामू पुलिस की साइबर टीम फर्जी प्रोफाइल संचालित करने वाले अपराधियों की पहचान में जुटी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का हाथ हो सकता है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
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