नयी दिल्ली , दिसंबर 30 -- भारत में पर्यटन के लिए प्रचुर प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक संसाधन मौजूद होने के बावजूद बुनियादी ढांचों की कमी के कारण भारत विदेशी सैलानियों को लुभाने के मामले में पिछड़ रहा है।
बाजार अध्ययन एजेंसी क्रिसिल इंटेलिजेंस की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में यात्रा एवं पर्यटन विकास सूचकांक 2024 के हवाले से बताया गया है कि पर्यटन के लिए संसाधनों के मामले में भारत दुनिया में सातवें स्थान पर है जो यह दिखाता है कि हमारे पास कितनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा है। हालांकि पर्यटकों के लिए सुविधाओं के मामले में खामियों के कारण यहां उस अनुपात में पर्यटक नहीं आते जितने आने चाहिये।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुकूल परिवेश के मामले में भारत का स्थान 102वां है। यहां सुरक्षा, सफाई और नियामक नीतियों में निरंतरता की कमी है। बुनियादी ढांचा और सेवाओं के मामले में हम 52वें स्थान पर हैं। इसमें सीमित होटल क्षमता, अंतिम बिन्दु तक संपर्क साधनों की कमी और अल्पविकसित सर्किटों को रेखांकित किया गया है। यात्रा एवं पर्यटन में पर्यावरण का ख्याल रखने के मामले में भारत को 78वां स्थान प्राप्त है और कई लोकप्रिय स्थलों पर भीड़-भाड़ की समस्या भी है।
क्रिसिल इंटेलिजेंस का कहना है कि देश के पर्यटन क्षेत्र में 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का है जिनमें होटल, होमस्टे, हस्तशिल्प, खाने-पीने के आउटलेट, स्थानीय गाइड, टूर ऑपरेटर और परिवहन सेवा देने वाले शामिल हैं। स्पष्ट है कि पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के साधन बढ़ते हैं।
साल 2024 में देश में पर्यटकों की संख्या करीब 294 करोड़ रही जिसमें 99.3 प्रतिशत घरेलू और मात्र 0.7 प्रतिशत विदेशी थे। देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में पर्यटन की हिस्सेदारी महज 5.2 प्रतिशत है। वहीं, वैश्विक और दक्षिण-पूर्व एशिया में यह औसत 10-10 प्रतिशत है। यूरोप का औसत 9.6 प्रतिशत और उत्तरी अमेरिका का 8.9 प्रतिशत है।
साल 2024 में 2.06 करोड़ विदेशी सैलानी भारत आये और इस मामले में हमारी हिस्सेदारी 1.4 प्रतिशत रही। फ्रांस में साल 2024 में विदेशी पर्यटकों की संख्या 10.2 करोड़ (6.96 प्रतिशत), स्पेन में 8.9 करोड़ (6.08 प्रतिशत), अमेरिका में 6.65 करोड़ (4.54 प्रतिशत), तुर्की में 5.99 करोड़ (4.09 प्रतिशत) और इटली में 5.7 करोड़ (3.89 प्रतिशत) रही।
अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन से साल 2024 में भारत की कमाई 35.02 अरब डॉलर रही और वैश्विक कमाई में उसकी हिस्सेदारी 2.02 प्रतिशत हो गयी। इस मामले में भारत साल 2001 के 36वें स्थान से साल 2024 में 15वें स्थान पर पहुंच गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेश जाने वाले भारतीय पर्यटक दुनिया के सबसे ज्यादा खर्च करने वालों में गिने जाते हैं। वे लग्जरी, लीजर और दिल को छू लेने वाले अनुभवों पर काफी खर्च करते हैं। इन पर्यटकों को देश में ही उसी तरह के अनुभव प्रदान करके पर्यटन क्षेत्र की कमाई में काफी इजाफा किया जा सकता है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, साल 2023-24 में भारतीयों ने विदेश यात्राओं पर 17 अरब डॉलर खर्च किये।
क्रिसिल इंटेलिजेंस ने बुनियादी ढांचा और संपर्क साधनों को खामियों को दूर करने, विश्व स्तरीय गंतव्यों के लिए कार्यक्रम तैयार करने, यात्रा और देश में प्रवेश को आसान बनाने, पर्यटक स्थलों पर प्रबंधन और सुरक्षा बेहतर करने और स्वच्छता तथा पर्यावरण का ख्याल रखने का सुझाव दिया है।
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