बारां , फरवरी 18 -- राजस्थान में बारां शहर में शोक की घड़ी में भी मानवता का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बारां के बसंत विहार निवासी गुप्ता परिवार ने ऐसी ही प्रेरक मिसाल पेश करके पिता के बाद मां का भी नेत्रदान करवाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अक्टूबर 2024 में हरिमोहन गुप्ता के आकस्मिक निधन के उपरांत उनके पुत्र प्रमोद गुप्ता एवं उत्तम गुप्ता ने पिताजी का नेत्रदान संपन्न कराया था। इसी क्रम में मंगलवार को देर रात कोटा के एक निजी अस्पताल में प्रमोद एवं उत्तम की माताजी रमा कुमारी का आकस्मिक निधन हो गया। परिजनों ने मां के पार्थिव शरीर को बारां लाने से पूर्व कोटा में ही शाइन इंडिया फाउंडेशन के माध्यम से डॉ. कुलवंत गौड़ द्वारा नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न करवायी।
उत्तम गुप्ता ने कहा कि पिताजी के नेत्रदान के बाद हमें यह संतोष था कि वह किसी की आँखों में रोशनी बनकर जीवित हैं। उसी पुण्य भावना के साथ हमने मां का भी नेत्रदान कराने का निर्णय लिया।
बारां शाइन इंडिया फाउंडेशन के संयोजक हितेश खंडेलवाल ने बताया एक ही परिवार द्वारा इस प्रकार नेत्रदान को परंपरा के रूप में अपनाना अत्यंत प्रेरणादायक है। ऐसे निर्णय समाज में जागरूकता और मानवता के भाव को सुदृढ़ करते हैं।
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