देहरादून , जनवरी 22 -- उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरूवार को सचिवालय में पूंजीगत व्यय, सीएसएस योजनाएं, एसएएससीआई, एसएनए स्पर्श व विभागों की व्यय योजनाओं के सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के साथ बैठक ली।
उन्होंने वाह्य सहायतित योजनाओं (ईएपी) के मामले में अधिकारियों को धीमी प्रगति वाले परियोजनाओं में तेजी लाए जाने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स की धीमी प्रगति के लिए विभागाध्यक्ष एवं सचिव जिम्मेदार होंगे।
श्री बर्द्धन ने कहा कि उद्यान एवं कृषि विभाग को मिलकर बड़े एवं एकीकृत प्रोजेक्ट्स पर काम करने की जरूरत है। सेब, कीवी और ऐरोमा के क्षेत्र में इंटीग्रेटेड फार्मिंग की दिशा में काम किया जाए। फिशरीज के तहत ट्राउट उत्पादन में बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए कोल्ड स्टोरेज की भी आवश्यकता होगी।
उन्होंने पशुपालन विभाग एवं सहकारिता विभाग को मिलकर लाइवस्टॉक एवं फिशरीज को लेकर एकीकृत परियोजना तैयार करने को कहा।
मुख्य सचिव ने ऐपल मिशन के तहत सेब के उत्पादन के लिए नर्सरी, कोल्ड स्टोरेज चैन तैयार किए जाने के लिये अच्छे प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाने को कहा।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में जहां भी आवश्यकता है, कोल्ड स्टोरेज चैन तैयार किया जाए ताकि प्रदेश का कोई भी किसान स्वयं अपने किसी भी उत्पाद कोल्ड स्टोर में रखकर अनुकूल समय पर अपने उत्पाद बाज़ार में उतार सकता है।
उन्होंने पीएमजीएसवाई के तहत प्रदेशभर में भूमि मुआवजा वितरण कार्य अभियान चलाकर शून्य किए जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों को जिलेवार डेटा उपलब्ध कराते हुए इस वित्तीय वर्ष में भूमि मुआवजा पूर्ण रूप से वितरित किए जाने के लिये लक्ष्य दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि कृषि विभाग चैन लिंक फेंसिंग के लिए प्राप्त प्रोजेक्ट्स की प्राथमिकता तय करते हुए प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजे जायें।
श्री बर्द्धन ने कहा कि स्प्रिंग एवं रिवर रेजूविनेशन प्राधिकरण के तहत जल संरक्षण हेतु बैराज एवं चेक डैम के प्रोजेक्ट्स संबंधित विभागों द्वारा तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने सारा के तहत फंड्स को पूर्ण यूटिलाइज़ किए जाने के लिए भी कहा।
उन्होंने परिवहन विभाग को नए बस स्टेशन, चार्जिंग स्टेशन के कार्यों में तेजी लाते हुए अपने अवसंरचना को मजबूत करने पर बल दिया।
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