नयी दिल्ली , अप्रैल 08 -- सरकारी क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड ने देश में यूरोपीय प्रसराइज्ड रिऐक्टर (ईपीआर) प्रौद्याेगिकी पर आधारित नए परमाणु ऊर्जा संयंत्राें को विकसित करने में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने के लिए फ्रांसीसी कंपनी इलेक्ट्रसिटी डी फ्रांस (ईडीएफ) के साथ एक प्रारंभिक समझौता किया है।

कंपनी ने बुधवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि उसने यह कदम केंद्र सरकार के कई संबंधित मंत्रालयों और विभागों से मिली मंज़ूरी के बाद उठाया गया है। करार पर एनटीपीसी की ओर से मुख्य महाप्रबंधक (न्यूक्लियर सेल) अरनादा प्रसाद सामल और ईडीएफ की ओर से उसके परमाणु ऊर्जा संबंधी अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों के विकास से जुड़े वरिष्ठ उपाध्यक्षृ वाकिसासी रमानी ने हस्ताक्षर किए।

सहमति के इस ज्ञापन के अंतर्गत दोनों कंपनियों के लिए सहयोग की संभावनाओं और तरीकों का संयुक्त रूप से आकलन करने के लिए एक रूपरेखा तैयार की गयी है। इसमें फ्रांसीसी कंपनी की ईपीआर (यूरोपीय दाबयुक्त परमाणु भठ्ठी ) तकनीक को समझना और भारतीय ज़रूरतों के हिसाब से उसकी उपयुक्तता की जांच करना; बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट्स लगाने के लिए स्थानीयकरण को अधिकतम करने के अवसरों को तलाशना; आर्थिक और टैरिफ से जुड़े पहलुओं की जांच करना; प्रशिक्षण कार्यक्रमों के ज़रिए मानव संसाधन क्षमताओं को विकसित करना; संभावित प्रोजेक्ट स्थलों का मूल्यांकन करना; और आपसी सहमति के अनुसार तकनीकी सहायता प्रदान करना शामिल है।

देश की प्रमुख विद्युत उत्पादक एनटीपीसी ताप ऊर्जा के अलावा अब गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोतों से विद्युत उत्पादन की परियोजनाओं का भी विकास कर रही है। वर्तमान में 89,000 मेगावाट से अधिक की स्थापित क्षमता का संचालन कर रही है, जबकि 32000 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता पर काम चल रहा है। कंपनी ने 2032 तक अपनी कुल क्षमता को 1,49,000 मेगावट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 60,000 मेगावट क्षमता नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त करने की योजना है।

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