भुवनेश्वर , दिसंबर 22 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि असाधारण प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर कोरापुट दुनिया के लिए प्रकृति का एक अनोखा तोहफा है।
उन्होंने कहा कि कोरापुट की मिट्टी में शांति, सादगी और प्यार फैला हुआ है। वहीं यहां के उत्पाद जैसे कॉफी, काला चावल और प्रसिद्ध कोटपाड़ हथकरघा साड़ियों ने जिले को न सिर्फ ओडिशा और देश, बल्कि विदेशों में भी खास पहचान दी है। मुख्यमंत्री ने रविवार रात को कोरापुट में राष्ट्रीय जनजातीय महोत्सव परब-2025 के चौथे दिन ये बातें कही।
मुख्यमंत्री ने बताया कि परब महोत्सव क्षेत्र की कला, संस्कृति, परंपराओं और विरासत को संरक्षित, पुनर्जीवित और प्रचारित करने के लिए 1996 से ही निरंतर प्रयास कर रहा है। उनके अनुसार, महोत्सव ने सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता पैदा की है और छिपी प्रतिभाओं को सामने लाया है। लोगों को एक सूत्र में पिरोया भी है।
इस मौके पर माझी ने शहीद लक्ष्मण नायक और जिले के दूसरे स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कोरापुट जिले के लिए 545 करोड़ रुपये की 86 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला भी रखी। इसमें 24 करोड़ रुपये लागत की 16 परियोजनाओं का उद्घाटन और 521 करोड़ रुपये लागत की 70 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल था। ये परियोजनाएं सिंचाई, स्वास्थ्य केंद्र, लघु उद्योग, शहरी छात्रावास, पुल, सड़कें, मिशन शक्ति भवन, वन संरक्षण समिति भवन, अतिरिक्त कक्ष और अन्य महत्वपूर्ण पहलों को कवर करती हैं, जो जिले के विकास को गति देने के लिए हैं।
कोरापुट की कृषि शक्ति को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जिला बाजरा उत्पादन के लिए जाना जाता है, जिसे 'श्री अन्न' के नाम से भी जाना जाता है। फिलहाल 'श्री अन्न' अभियान के तहत लगभग 72,000 हेक्टेयर क्षेत्र में बाजरा की खेती हो रही है।
उन्होंने प्रमुख महिला किसान और संरक्षणकर्ता रायमती घिउरिया की बाजरा की खेती में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए तारीफ की और किसानों को खेती के साथ-साथ मछली पालन, डेयरी, मुर्गी पालन और बत्तख पालन जैसी सहायक गतिविधियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक विशेष परब जैकेट का अनावरण किया और एक वीडियो गीत का विमोचन किया।
मछली पालन और पशु संसाधन मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित