भीलवाड़ा , मार्च 05 -- राजस्थान में मेवाड़ की गौरवशाली 'अतिथि देवो भव:' परंपरा और लोक संस्कृति का अनूठा संगम इस वर्ष मांडल के ऐतिहासिक 'नाहर महोत्सव' में देखने को मिलेगा।

नाहर महोत्सव के तहत 15 से 17 मार्च तक मांडल कस्बा पूरी तरह उत्सव के रंगों में सराबोर रहेगा। इस आयोजन को लेकर तैयारियां जोर शोर से जारी हैं, जिसका मुख्य केंद्र राजीव गांधी स्टेडियम होगा।

आयोजकों ने गुरुवार को बताया कि तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन में भक्ति, शक्ति और साहित्य का अद्भुत सामंजस्य दिखेगा। महोत्सव के दौरान विशाल भजन संध्या का आयोजन किया जायेगा, जिसमें ख्यातनाम कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से वातावरण को भावमय बनायेंगे। राष्ट्रीय स्तर के कवि सम्मेलन में देशभर के नामचीन कवि अपनी ओजपूर्ण और व्यंग्यपूर्ण रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

आयोजकों ने बताया कि मेवाड़ की अमिट पहचान नाहर नृत्य और पारंपरिक गैर नृत्य इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण होंगे। राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करते ये नृत्य दर्शकों को रोमांच से भर देंगे।

इस बार कस्बे में नाहर नृत्य विशेष रूप से दो प्रमुख स्थलों शेषशहाय धाम बड़ा मंदिर प्रांगण और राजीव गांधी स्टेडियम के सामने आयोजित किया जाएगा।

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