कुशीनगर , दिसम्बर 29 -- कुशीनगर की पडरौना नगरपालिका में 15 लाख रुपये की लागत से उत्तर प्रदेश की पहली स्पेस लैब की स्थापना की जायेगी। यह लैब व्योमिका स्पेस और इसरो के सहयोग से संचालित होगी जिसका उद्देश्य ग्रामीण छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि जगाना है। इसमें खगोल विज्ञान, रोबोटिक्स, ड्रोन जैसे 100 से अधिक प्रोजेक्ट शामिल होंगे।

इस संबंध में विनय जायसवाल चेयरमैन नगर पालिका परिषद पडरौना ने बताया कि नारायणी नदी के जीरो बंधा तट पर कैनसेट राकेट लांचिंग प्रतियोगिता ने छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान की जिस सोच को उड़ान दी थी निकाय स्तरीय स्पेश लैब अब उसे बुनियादी दौर होगी। पडरौना नगरपालिका प्रदेश की ऐसी पहली निकाय बनने जा रही है। जिसने स्पेस लैब बनाने की कल्पना को मूर्त रूप दिया है। नगरीय निकाय द्वारा वित्तपोषित जूनियर हाईस्कूल में निर्माणाधीन स्पेस लैब में 15 लाख का खर्च आ रहा है। जिसकी व्यवस्था पालिका कर रही है।

ज्ञातव्य है कि देवरिया सांसद शशांक मणि त्रिपाठी की पहल पर बीते अक्टूबर में इन-स्पेस की ओर कुशीनगर में नारायणी नदी के तट पर माडल राकेट्री और कैनसेट इंडिया स्टूडेंट प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। देशभर के 600 से ज़्यादा युवा विज्ञानियों ने अपने खुद के बनाए मिनी राकेट और सैटेलाइट (कैनसेट) लांच किए। ग्रामीण अंचल के छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा को शांत किया। लेकिन सोच को नई उड़ान दे दी। यह प्रयोगशाला व्योमिका स्पेस, लखनऊ व इसरो एसएसी, अहमदाबाद के सहयोग से संचालित होगी। जो ज्ञान- आधारित व्यावहारिक शिक्षा का केंद्र बनेगी। उन्होंने बताया कि व्योमिका तकनीकी एवं शैक्षिक भागीदार होगा तो इसरो उसका मार्गदर्शन करेगा। लैब का उद्देश्य ग्रामीण छात्रों को अंतरिक्ष और वैज्ञानिक शिक्षा उपलब्ध कराना है।

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