7गांधीनगर, 22 नवंबर (वार्ता) गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को भारतीय संस्कृति के 2000 वर्षों के इतिहास को संजोए बैठे वडनगर में ताना-रीरी महोत्सव 2025 का शुभारंभ किया।

यह महोत्सव खेल, युवा एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ विभाग अधीनस्थ गुजरात राज्य संगीत नाटक अकादमी-गांधीनगर तथा मेहसाणा जिला प्रशासन के संयुक्त उपक्रम से हर वर्ष आयोजित किया जाता है। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर श्री पटेल ने सुप्रसिद्ध गायिका कलापिनी कोमकली को प्रतिष्ठित ताना-रीरी संगीत सम्मान अवॉर्ड प्रदान किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जन्मस्थली वडनगर की भूमि में ही कुछ ऐसा सत्व- तत्व रहा है कि अनादिकाल से यहाँ समर्पण एवं सेवा साधना की पराकाष्ठा विकसित हुई है।

उन्होंने ताना-रीरी को अनमोल संगीत कला विरासत का उत्तम उदाहरण बताते हुए कहा कि उनकी तरह ही वडनगर के सपूत एवं विश्व नेता प्रधानमंत्री श्री मोदी भी राष्ट्र पहले के भाव से कार्यरत रहकर देश तथा दुनिया के समक्ष सेवा साधना का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कला एवं स्थापत्य की इस नगरी के इतिहास को पुनर्जीवित करने के सफल आयाम का सूत्रपात किया है।

श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जहाँ प्राथमिक शिक्षा ली, उसे प्रेरणा स्कूल के रूप में विकसित किया है। जहाँ उन्होंने बचपन में परिश्रम की पराकाष्ठा सृजित की, उस रेलवे स्टेशन को रीडेवलप किया जा रहा है और मल्टी मॉडल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा वडनगर की समग्र पुरातन विरासत को प्रस्तुत करने वाले अत्याधुनिक आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम का भी वडनगर में निर्माण हुआ है।

मुख्यमंत्री ने स्वदेश दर्शन योजना अंतर्गत वडनगर में हुए विकास की चर्चा करते हुए कहा कि इस योजना अंतर्गत शर्मिष्ठा तालाब, ताना-रीरी पार्क, लटेरी वाव (बावड़ी), अंबाजी कोठा तालाब तथा फोर्ट वॉल का विकास किया जा रहा है, जबकि पौराणिक हाटकेश्वर मंदिर का इतिहास लोग जान सकें; इसके लिए लाइट एंड साउंड शो का भी आयोजन किया गया है।

श्री पटेल ने भारतीय संगीत विरासत की समृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि आज रोग के उपचार के लिए भी म्यूजिक थेरेपी का उपयोग हो रहा है। प्रधानमंत्री ने ऐसी विरासत का युगों तक जतन एवं संवर्धन करने का संकल्प किया है। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि वडनगर की पवित्र धरती से इस कला-संस्कृति के जतन के साथ स्वदेशी अपना कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए कटिबद्ध हों।

संगीत समारोह में अवॉर्ड विजेता सुश्री कलापिनी कोमकली, प्रसिद्ध सितार वादक निलाद्री कुमार तथा गायिका ईशानी दवे ने शास्त्रीय गायन, शास्त्रीय वादन तथा लोक गीतों की सुमधुर प्रस्तुति से वडनगर को संगीतमय बना दिया।

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