ईटानगर , नवंबर 17 -- लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को यहां आयोजित सरदार पटेल एट 150 पदयात्रा का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय एकता और भारत की आधुनिक प्रशासनिक नींव में उनके अद्वितीय योगदान का स्मरण किया गया।

एमवाई भारत, ईटानगर द्वारा अरुणाचल प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित यह पदयात्रा डेरा नटुंग सरकारी कॉलेज (डीएनजीसी) से शुरू होकर आईजी पार्क टेनिस कोर्ट पर समाप्त हुई, जिसमें एमवाई भारत के स्वयंसेवकों, एनएसएस स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेटों, संकाय सदस्यों, युवा नेताओं और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम', 'सरदार पटेल अमर रहे' , 'हर घर स्वदेशी' जैसे नारों के बीच यह पदयात्रा शांतिपूर्ण ढंग से शहर से होकर गुजरी और आईजी पार्क में समाप्त हुई ।

इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई जिसके बाद डीएनजीसी के प्राचार्य डॉ. एमक्यू खान ने स्वागत भाषण दिया और एनएसएस स्वयंसेवकों ने देशभक्तिपूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। राष्ट्रव्यापी पहल 'एक पेड़ मां के नाम' के तहत, गणमान्य लोगों ने पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सतत विकास के प्रतीक के रूप में पौधे भी लगाए।

राज्यसभा सांसद (राज्यसभा) नबाम रेबिया ने कहा कि सरदार पटेल न केवल अखंड भारत के निर्माता थे बल्कि एक निडर सत्याग्रही भी थे जिनके नेतृत्व ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सत्य और राष्ट्र सेवा के प्रति गहरी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। उन्होंने कहा,"आज सरदार पटेल के दृष्टिकोण का सार भारत को वास्तव में आत्मनिर्भर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता में परिलक्षित होना चाहिए। आत्मनिर्भर भारत केवल एक आर्थिक मिशन नहीं है बल्कि एकता, जिम्मेदारी, कौशल, श्रम की गरिमा और स्वदेशी भावना में निहित एक राष्ट्रीय मानसिकता है।"उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के युवाओं से इस मिशन में अग्रणी योगदानकर्ता बनने का आग्रह किया।

विधायक और युवा मामले एवं खेल मंत्री के सलाहकार जिगनु नामचूम ने 560 से अधिक रियासतों के एकीकरण, आईएएस और आईपीएस सहित अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना में सरदार पटेल की निर्णायक भूमिका पर प्रकाश डाला।

ईटानगर के मेयर तम्मे फसांग ने पटेल की विरासत को युवा-प्रेरित राष्ट्रवाद और नागरिक उत्तरदायित्व से जोड़ने के लिए आयोजकों की सराहना की।

सम्मान समारोह के दौरान एमवाई भारत के उप निदेशक गोपेश पांडे ने गणमान्य लोगों को पारंपरिक स्कार्फ़ पहनाकर सम्मानित किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी एजेंसियों और स्वयंसेवकों के सहयोग की सराहना की।

यह कार्यक्रम राज्यव्यापी युवा-केंद्रित देशभक्ति पहलों की एक श्रृंखला का हिस्सा है जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय गौरव का संचार करना, स्वदेशी मूल्यों को पुनर्जीवित करना तथा अरुणाचल प्रदेश में एकता, लचीलापन एवं राष्ट्र-निर्माण को मजबूत करना है।

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