पटना, दिसंबर 22 -- हाल ही में सम्पन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव के समय चर्चा में रहीं जीविका दीदियां पटना में चल रहे सरस मेले की पहचान बन गयी हैं।

राजधानी के गांधी मैदान में आयोजित सरस मेले में प्रदेश और देश के कोने कोने से आये विभिन्न घरेलू और खानपान की चीजों के निर्माताओं और विक्रेताओं की दुकानें और स्टॉल लगे हुए हैं, लेकिन मेले का आकर्षण जीविका दीदियां बनी हुई हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की सोच के साथ जिस जीविका समूह की स्थापना 2006 में की थी, वह अब सर चढ़ कर बोल रही है। ऐसा माना जा रहा है कि अभी हाल ही में सम्पन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की शानदार जीत में जीविका दीदियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण थी।

सरस मेले में जीविका दीदी चंदा देवी जमुई से आई हैं। चंदा चने, उड़द, मूंग और मशरूम की बड़ी बना कर बेचती हैं। वह वर्ष 2014 में जीविका समूह से जुड़ी थीं। उन्होंने कहा कि उनके पास कोई दुकान नही है, घर से ही समान बना कर बेचती हैं। जीविका समूह से आसान ऋण मिल जाता है, जिससे रोजी रोटी चल जाती है।

जीविका दीदी रिंकू देवी बांका से आई हैं। साथ मे बेचने के लिए जामुन, करंज और शिलाजीत युक्त शहद लाई हैं। दुलहिन बाजार से आई शांति देवी चनाजोर गरम बेच रही हैं। पीछे बैठ कर उनके पति सहयोग कर रहे हैं और चनाजोर गरम खाने वालों को गाना भी सुना रहे हैं।

जीविका दीदी रेणु देवी औरंगाबाद से आई हैं। पिछले साल भी सरस मेले में आई थीं। उंस बार उनके हाथ से बने च्यवनप्राश नही बिके थे, लेकिन इस बार नमकीन और मिठाईयां खूब बिक रही हैं। रेणु को शिकायत है कि सरस मेले में उनको जगह दो दिन बाद दी गयी, जिससे उनकी कुछ मिठाईयां खराब हो गईं। जीविका समूह से जुड़ कर रेणु खुश हैं और कहती हैं, 'अब गुजारे के लिए किसी के सामने हाथ नही पसारना पड़ता है।

सरस मेले में काजल भागलपुर से आई है। साथ में बेचने के लिए कतरनी चावल और चूड़ा लाई है। उन्होंने कहा कि यह ओरिजिनल 'कतरनी' है इसलिए थोड़ी महंगी है । वह 2017 से जीविका से जुड़ी है और 'मार्केटिंग' के गुर सीख गई है।

पूर्णिया से आई गीता देवी सरस मेले में मखाना ले कर बैठी है। वह इसे बारह सौ रुपये किलो बेच रही है। उन्होंने कहा कि मखाना बोर्ड बनने के बाद किसानों और बेचने वालों दोनो के भाग बहुरे हैं। जब से देश के प्रधानमंत्री की नजर पड़ी है, मखाना तो सोना हो गया है। पूर्णिया के मखाना किसानों को अब बेहतर दाम मिल रहा है। उनकी जिंदगी बदल रही है।

पटना के सरस मेले में ऐसी और भी कई जीविका दीदियों के स्टाल लगे हैं। सभी के चेहरे पर उम्मीद की आभा है, भविष्य के सपने हैं और मुंह पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए दुआ है।

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