पटना , दिसंबर 18 -- पटना में लगातार गिरते तापमान और शीतलहर की आशंका को देखते हुये जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने गुरुवार को निर्देश दिया है कि ज़रूरतमंद लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और इसके लिये सरकार की ओर से निर्धारित एसओपी के अनुसार सभी आवश्यक इंतज़ाम सुनिश्चित किये जायें।

पटना नगर निगम की ओर से शहरी क्षेत्रों में आश्रय विहीनों, रिक्शा चालकों, दैनिक मजदूरों और असहाय लोगों के लिये कुल 26 रैन बसेरे तैयार किये गये हैं। इनमें छह स्थायी, आठ अस्थायी और 12 जर्मन हैंगर आधारित रैन बसेरे शामिल हैं, जहां कुल 988 बेड की सुविधा उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर रैन बसेरों और बेड की संख्या और बढ़ाई जायेगी।

ज़िलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि जहां रैन बसेरे उपलब्ध नहीं हैं, वहां पॉलिथीन शीट, टेंट और तारपोलीन से अस्थायी शरण स्थल बनाये जायें और पर्याप्त कंबल की व्यवस्था हो। साथ ही सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने और शरण स्थलों की जानकारी का व्यापक प्रचार- प्रसार करने को कहा गया है।

शीतलहर के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। सिविल सर्जन को बच्चों, महिलाओं और वृद्धों समेत सभी के लिये पर्याप्त चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। वहीं जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग को कंबल वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आपात स्थिति में आम जनता जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (0612-2210118), आपदा प्रबंधन विभाग के टॉल- फ्री नंबर 1070 या स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन 104 पर संपर्क कर सकती है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शीतलहर और पाला की स्थिति में लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित