पटना , फरवरी 04 -- गुप्त सूचना पर बिहार साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने सोमवार को पटना के अलग- अलग थाना क्षेत्रों में तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी कर 21 लोगों को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग लड़की को पुलिस संरक्षण में लिया है।
साइबर अपराध इकाई के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई दानापुर और रुपसपुर थाना क्षेत्र में की गई है।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार अभियुक्त पूर्व नियोजित और संगठित तरीके से साइबर ठगी गिरोह का संचालन कर रहे थे। गिरोह की ओर से फर्जी डिजिटल सेवा केंद्र और कॉल सेंटर स्थापित कर आम जनता को धोखाधड़ी का शिकार बनाया जाता था। पुलिस के अनुसार, अभियुक्तों ने वर्ष 2022 में एक फर्जी वेबसाइट तैयार कराई थी और वर्ष 2024- 25 के दौरान पटना और अन्य स्थानों पर किराये के मकानों में 'ऑनलाइन कंप्यूटर ट्रेनिंग/डिजिटल सेवा केंद्र' के नाम से फर्जी कॉल सेंटर संचालित करना शुरू किया।
गिरोह के सदस्य गूगल और अन्य स्रोतों से आम नागरिकों के मोबाइल नंबर और नाम जुटाकर डाटाबेस तैयार करते थे। इसके बाद महिला और पुरुष कर्मचारी मोबाइल रिचार्ज, रेल और हवाई टिकट बुकिंग, आधार अपडेट और डिजिटल सेवायें उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों से संपर्क करते थे। सेवा के नाम पर क्यूआर कोड या ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिये पैसे ले लिये जाते थे, लेकिन इसके बाद पीड़ितों को कोई सुविधा नहीं दी जाती थी और दोबारा संपर्क करने पर उनके नंबर ब्लॉक कर दिये जाते थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि अभियुक्तों ने बीते लगभग चार वर्षों में करीब 500 लोगों से लगभग एक करोड़ रुपये की ठगी की है। इतना ही नहीं, गिरोह ने अपनी फर्जी आईडी और वेबसाइट अन्य लोगों को उपलब्ध कराकर अलग- अलग स्थानों पर भी इसी तरह के फर्जी कॉल सेंटर चलवाये। गिरोह में काम का स्पष्ट बंटवारा था, मुख्य सरगना पूरे संचालन और लेनदेन को नियंत्रित करता था, जबकि महिला अभियुक्तों का इस्तेमाल पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिये किया जाता था।
छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर से 30 कीपैड मोबाइल, दो वाई- फाई राउटर, 23 स्मार्ट मोबाइल, 19 लैपटॉप, 12 एटीएम कार्ड, 27 हार्ड डिस्क, एक डेस्कटॉप, पैन कार्ड, आधार कार्ड, एक बैनर समेत कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किये गये हैं। जब्त डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच की जा रही है, जिसके आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में सभी पहलुओं पर वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से अनुसंधान किया जा रहा है और षड्यंत्र में शामिल प्रत्येक दोषी के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी।
साथ ही साइबर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध ऑनलाइन नौकरी, कॉल या डिजिटल ऑफर के झांसे में न आयें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या साइबर पुलिस को दें।
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