पटना , दिसंबर 17 -- बिहार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह ने बुधवार को बताया कि पटना प्रक्षेत्र अंतर्गत केंद्रीय शिकायत निवारण कक्ष पर दर्ज लगभग 95 प्रतिशत शिकायतों का निष्पादन किया जा चुका है।
मंत्री श्री सिंह ने आज पटना प्रक्षेत्र अंतर्गत 14 लोक स्वास्थ्य प्रमंडलओ में संचालित जलापूर्ति योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक में योजनाओं की प्रगति, शिकायत निवारण, विद्युत भुगतान एवं लंबित कार्यों की स्थिति पर चर्चा की गई एवं संबंधित अधिकारियों को कई दिशा निर्देश दिए गए।
मंत्री श्री सिंह ने बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि पटना प्रक्षेत्र अंतर्गत केंद्रीय शिकायत निवारण कक्ष (सीजीआरसी) पर दर्ज लगभग 95 प्रतिशत शिकायतों का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि शेष शिकायतें मुख्यतः बड़े मरम्मति कार्यों से संबंधित हैं, जिन्हें शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति से जुड़ी शिकायतों में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा निरीक्षण व्यवस्था को और सख्त किया गया है। उन्होंने कहा कि अब अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता स्तर के पदाधिकारी नियमित रूप से पूर्व से अधीनस्थ पदाधिकारियों को संज्ञान में लाए बिना औचक निरीक्षण करेंगे। मुख्य अभियंता द्वारा कार्यपालक एवं अधीक्षण अभियंताओं के कार्यों की स्थल पर समीक्षा की जाएगी तथा अधीक्षण अभियंता सहायक एवं कनीय अभियंताओं के कार्यों की निगरानी करेंगे। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने या कार्य में लापरवाही सामने आने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री श्री सिंह ने "हर घर नल का जल" योजना अंतर्गत विद्युत भुगतान को लेकर मंत्री ने स्पष्ट किया कि एक माह के भीतर विद्युत भुगतान सुनिश्चित नहीं कराने वाले अधिकारियों का वेतन रोका जाएगा। साथ ही, विद्युत भुगतान में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें काली सूची में डाला जाएगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि जो संवेदक समय पर विद्युत भुगतान नहीं करेंगे, उन्हें आगामी विभागीय निविदाओं में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्युत भुगतान में किसी भी स्तर पर लापरवाही के कारण जलापूर्ति बाधित न हो।
मंत्री ने बताया कि जलापूर्ति से संबंधित निस्तारित शिकायतों की मौके पर जांच के लिए अब मुख्यालय स्तर से टीमें भेजी जायेंगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि समस्या वास्तव में हल हुई है और लोगों को नियमित जलापूर्ति मिल रही है।उन्होंने कहा कि नवादा, बिहारशरीफ एवं सासाराम में लंबित कार्यों को एक माह के भीतर तथा शेरघाटी, आरा एवं जहानाबाद में लंबित कार्यों को 15 दिनों के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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