पटना, मार्च 31 -- िहार के ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की और बारहमासी सड़कों के व्यापक निर्माण ने केवल आवागमन को ही सुगम नहीं बनाया है, बल्कि यह परिवर्तन अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला सशक्त माध्यम बन चुका है। एक समय जिन गाँवों की पहचान कच्चे और जर्जर रास्तों से होती थी, वहीं आज सुदृढ़ सड़क सम्पर्कता के कारण आर्थिक गतिविधियों, रोजगार के अवसरों और नवाचार की संभावनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है।
ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से विकसित सुदृढ़ सड़क सम्पर्कता ने ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी बाजारों, सेवाओं और संसाधनों से सीधे जोड़ दिया है। इसी का परिणाम है कि अब गाँवों में भी आधुनिक सेवाओं का विस्तार हो रहा है। लगभग पूरे राज्य के सुदूर टोलों और बसावटों तक परिवहन सेवाओं का विस्तार हुआ है, जिससे ग्रामीणों को घर के पास ही सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध हो रही है। यह परिवर्तन दर्शाता है कि बेहतर सड़क संपर्कता केवल आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाला आधार है।
सड़क सम्पर्कता में सुधार का सबसे सकारात्मक प्रभाव कृषि क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। अब किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में पहले की तुलना में कम समय और कम लागत लगती है। मालवाहक वाहनों की सीधी पहुंच खेतों और गाँवों तक सुनिश्चित होने से कृषि उत्पादों का परिवहन अधिक सुगम हुआ है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि उनके लिए नए बाजारों के अवसर खुले हैं।इसके अतिरिक्त सुदृढ़ सड़क सम्पर्कता के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को भी बढ़ावा मिला है।
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