जयपुर , मार्च 31 -- पंद्रहवें वित्त आयोग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं पीएम अभीम (प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन) की ओर से गत चार महीनों में राजस्थान को लगभग 2700 करोड़ की रिकॉर्ड राशि जारी की गई है।
पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत राजस्थान को गत पांच वर्ष में करीब 4300 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है, जिसमें से करीब 2700 करोड़ की राशि गत चार महीनों में मुख्यमंत्री के सतत प्रयासों से हुई है। इसी प्रकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्ष 2025-26 में लगभग 2383 करोड़ के मुकाबले केंद्र सरकार ने करीब 2398 करोड़ की राशि राजस्थान को जारी की है, जो स्वीकृत राशि का 100.61 प्रतिशत है वहीं, पीएम अभीम के तहत भी सर्वाधिक राशि 243 करोड़ रुपये राजस्थान को मिली है।
राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताया कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शी विजन में राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के विस्तार, डायग्नोस्टिक सुविधाओं के विकास तथा आधारभूत स्वास्थ्य अधोसंरचना को बेहतर बनाने की दिशा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। इसके परिणाम स्वरूप केंद्र सरकार से विगत वर्षों के मुकाबले विभिन्न योजनाओं में रिकॉर्ड राशि प्राप्त हुई है।
विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि 15वें वित्त आयोग के तहत विभिन्न घटकों में राशि स्वीकृत की गई है। गत पांच वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार पर विशेष जोर देते हुए भवनविहीन उप-स्वास्थ्य केंद्र, पीएचसी एवं सीएचसी निर्माण के लिए 2604.63 करोड़, ब्लॉक स्तर सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों के लिए 145.38 करोड़, ग्रामीण क्षेत्रों में जांच सेवाओं की मजबूती के लिए डायग्नोस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 764.14 करोड़, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के विकास के लिए 495 करोड़, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डायग्नोस्टिक सुविधाओं के लिए 76.06 करोड़ एवं शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए 220.03 करोड़ की राशि जारी की गई है। सर्वाधिक राशि वर्ष 2025-26 में जारी की गई है।
श्रीमती राठौड़ ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश में सर्वाधिक व्यय भी वर्ष 2025-26 में हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में यह व्यय 72 प्रतिशत, 2022-23 में 82 प्रतिशत, 2023-24 में 79 प्रतिशत, 2024-25 में 97.7 प्रतिशत एवं वर्ष 2025-26 में 98 प्रतिशत है। इसी प्रकार पीएम अभीम के तहत भी प्रदेश में इस वर्ष हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सर्वाधिक व्यय किया गया है।
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