चंडीगढ़ , फरवरी 02 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पद्म विभूषण पद्मश्री एवं संगीत मार्तंड पंडित जसराज भारतीय शास्त्रीय संगीत के 'स्वर-सूर्य' थे जिनकी साधना और सुरों की चमक ने पूरी दुनिया को आलोकित किया। उन्होंने कहा कि पंडित जसराज का जीवन भारतीय सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण अध्याय है।
मुख्यमंत्री फतेहाबाद जिले के गांव पीली मंदोरी में पंडित जसराज की 96वीं जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने शहीद स्मारक पर पंडित जसराज की प्रतिमा का अनावरण किया और वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर आयोजन की जानकारी दी, जिस पर प्रधानमंत्री ने हरियाणा की जनता को राम-राम कहते हुए पंडित जसराज को श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पंडित जसराज केवल महान गायक ही नहीं बल्कि भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक जीवंत संस्था थे। वर्ष 1930 में पीली मंदोरी गांव में जन्मे पंडित जसराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी संगीत साधना को नहीं छोड़ा और अपने बड़े भाई पंडित मणिराम के मार्गदर्शन में कठोर अभ्यास कर विश्व पटल पर भारतीय संगीत को प्रतिष्ठा दिलाई। उन्होंने बताया कि पंडित जसराज पहले भारतीय कलाकार थे जिन्होंने सातों महाद्वीपों में प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती संगीत और संस्कृति की समृद्ध परंपरा की प्रतीक है। सरकार सांस्कृतिक संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और कलाकारों को प्रोत्साहन देने हेतु निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने भट्टू मंडी में नए आईटीआई, पीली मंदोरी में 33 केवी सब-स्टेशन पशु चिकित्सालय के पुनर्निर्माण सहित कई विकास कार्यों की घोषणा भी की।
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