चंडीगढ़ , मार्च 06 -- पंजाब विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के अभिभाषण के साथ शुक्रवार को शुरू हुआ। अभिभाषण शुरू होते ही सदन में कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया और कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध जताया और सदन से बहिर्गमन किया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन की शुरुआत "सत श्री अकाल" कहकर की लेकिन जैसे ही उन्होंने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, कांग्रेस के विधायक अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध करने लगे। इस दौरान विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य में अमन-कानून की स्थिति का मुद्दा उठाया और विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की।
हंगामे के दौरान कांग्रेस के सभी सदस्य अपनी सीटों पर खड़े रहे। बाद में विधायक सुखविंदर कोटली सहित कई कांग्रेस विधायक सदन के बीचोंबीच आ गए और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया। राज्यपाल ने विपक्ष से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा और उचित समय पर यह मुद्दा उठाया जा सकता है लेकिन कांग्रेस विधायक लगातार विरोध करते रहे। श्री बाजवा राज्यपाल के अभिभाषण के समानांतर अपना भाषण पढ़ते रहे और कानून व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते रहे।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विपक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उचित समय आने पर विपक्ष अपनी बात सदन में रख सकता है, इसलिए अभिभाषण के दौरान व्यवधान न डाला जाए।
कांग्रेस आप सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेसियों को विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए भारी संख्या में चंडीगढ़ पुलिस भी तैनात है। वहीं आप ने इससे पहले ही प्रताप बाजवा द्वारा मंत्री हरभजन ईटीओ को बैंड वाला कहने को लेकर बैंड-बाजे के साथ प्रदर्शन किया। इस पर कांग्रेस ने गवर्नर और चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत करने का फैसला किया है। कांग्रेस का कहना है कि विधायक हॉस्टल और विधानसभा के भीतर इस तरह का प्रदर्शन गैरकानूनी है। कांग्रेस विधायक दल नेता बाजवा ने कहा कि आप वालों को मुख्यमंत्री के घर के बाहर बैंड बजाना चाहिए, वह एक महीने से घर बैठे हैं।
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