चंडीगढ़ , दिसंबर 30 -- पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने मंगलवार को 16वीं पंजाब विधानसभा के 11वें विशेष सत्र की शुरुआत साहिबजादों, माता गुजरी जी और साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को भावभीनी श्रद्धांजलि देकर की।

सदन ने पंजाब के पूर्व राज्यपाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल, पूर्व मंत्री जगतर सिंह मुल्तानी, पूर्व राज्य मंत्री तारा सिंह लाडल, पूर्व विधायक तरलोचन सिंह सूंध, मशहूर बॉलीवुड स्टार और लोकसभा के पूर्व सदस्य धर्मेंद्र सिंह देओल, गायक राजवीर सिंह जवंडा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर चित्रकार गोबिंदर सिंह सोहल, मशहूर पंजाबी संगीतकार और शिक्षक पूरन शाह कोटी, और विधायक दलजीत सिंह भोला के पिता बलबीर सिंह ग्रेवाल की दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि सभा के दौरान दिवंगत आत्माओं की याद में सम्मान के तौर पर दो मिनट का मौन रखा गया।

अध्यक्ष संधवां ने सिख समुदाय को अत्याचारी मुगल शासकों के अत्याचार से बचाने के लिए गुरु साहिब और उनके बेटों द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने सार्वभौमिक भाईचारे, धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा दिया और मानवाधिकारों की रक्षा की। उनके अद्वितीय बलिदान को पूरी दुनिया में हमेशा याद किया जाएगा और यह मानव इतिहास में बेमिसाल रहेगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि साहिबजादों के महान बलिदानों का मानवता के इतिहास में एक अद्वितीय स्थान है। उन्होने कहा, " साहिबजादों को हालांकि बहुत कम उम्र में शहीद कर दिया गया था, लेकिन उनका सर्वोच्च बलिदान आज भी हमें अन्याय या अत्याचारी शासकों के अत्याचार के आगे न झुकने के लिए प्रेरित करता है। " उन्होंने कहा कि उनका बलिदान हमारी आने वाली पीढ़ियों को अत्याचार, उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ दृढ़ रहने के लिए हमेशा प्रेरित करेंगे।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर मनरेगा योजना को सुनियोजित तरीके से खत्म करने और गरीबों को उनकी आजीविका के अधिकार से वंचित करने का आरोप लगाया। विधानसभा में मनरेगा योजना में हाल ही में किए गए बदलावों और इसके नाम बदलकर 'वीबी जीरामजी ' करने के खिलाफ एक प्रस्ताव के समर्थन में बोलते हुए, चीमा ने इस कदम को "वंचितों के पेट पर हमला" करार दिया।

वित्त मंत्री ने भाजपा पर बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा रचित संविधान की भावना के विरुद्ध कार्य करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार हर योजना का केंद्रीकरण करके देश के मजदूरों को बंधुआ मजदूर और केंद्रीकृत व्यवस्था का गुलाम बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होने कहा कि भले ही दुनिया भगवान राम का सम्मान करती है, लेकिन सरकारी योजना के लिए धार्मिक नाम का इस्तेमाल करना सरकार को आलोचना से बचाने की एक राजनीतिक चाल है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे एक खतरनाक मिसाल कायम होगी, जहां वेतन या अधिकारों की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों को धार्मिक भावनाओं का अपमान करने वाला करार दिया जा सकता है।

केंद्र की नीतियों और पंजाब सरकार की पहलों की तुलना करते हुए चीमा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आम आदमी पार्टी दलित समुदाय के उत्थान के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब के इतिहास में पहली बार दलित समुदाय को मान मंत्रिमंडल में 15 मंत्रियों में से 6 मंत्रियों के रूप में अभूतपूर्व प्रतिनिधित्व मिला है।

वित्त मंत्री चीमा ने केंद्र सरकार को एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी देते हुए अपने संबोधन का समापन किया और घोषणा की कि पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी मजदूरों के समर्थन में मजबूती से खड़ी रहेंगी।

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