चंडीगढ़ , मई 01 -- पंजाब लोक भवन चंडीगढ़ में शुक्रवार को महाराष्ट्र, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस का संयुक्त समारोह 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना के तहत आयोजित किया गया।

पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया पत्नी अनीता कटारिया के साथ समारोह में शामिल हुए। हिमाचल का स्थापना दिवस 15 अप्रैल को कुछ कारणों से नहीं हो सका था, जिसे आज अन्य दो राज्यों के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा के वीडियो संदेश से हुई। इसके बाद महाराष्ट्र की विरासत, विकास और उपलब्धियों पर आधारित वृत्तचित्र दिखाया गया। अजीत बालाजी जोशी ने महाराष्ट्र, धर्मेश जिवानी ने गुजरात और डॉ. ए.के. अत्री ने हिमाचल प्रदेश पर अपने विचार रखे।

उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला ने तीनों राज्यों की लोक संस्कृति पर रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। हिमाचल की किन्नौरी नाटी व लुड्डी, महाराष्ट्र की सोंगी मुखवटे व लावणी और गुजरात के डांडिया, राठवा और तलवार रास ने दर्शकों को बांधे रखा। समापन संयुक्त प्रस्तुति के साथ हुआ।

श्री कटारिया ने कहा कि हिमाचल, महाराष्ट्र और गुजरात ने राष्ट्र निर्माण, सामाजिक न्याय, संस्कृति और आर्थिक विकास में अहम योगदान दिया है। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर उन्होंने श्रमिकों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत से ही भारत 'विकसित भारत 2047' की ओर बढ़ रहा है।

हिमाचल को साक्षरता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और जलविद्युत में अग्रणी बताते हुए उन्होंने शिमला, मनाली, कुल्लू और धर्मशाला की सराहना की। महाराष्ट्र की समृद्ध परंपरा, संतों और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का जिक्र करते हुए उन्होंने संत नामदेव जी और गुरु गोबिंद सिंह के माध्यम से पंजाब-महाराष्ट्र के आध्यात्मिक जुड़ाव को रेखांकित किया। गुजरात को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सरदार पटेल और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की धरती बताते हुए उन्होंने उद्योग, नवाचार और श्वेत क्रांति में उसके योगदान की सराहना की।

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