अमृतसर , मार्च 09 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने सोमवार को पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के छात्रों पर लाठीचार्ज करने और उनकी दस्तारें (पगड़ी) उतारे जाने की घटना को लेकर पुलिस की तीखी निंदा की है।
एडवोकेट धामी ने कहा कि दस्तार सिख के जीवन का अभिन्न अंग है और पुलिस प्रशासन द्वारा बल प्रयोग करते हुए छात्रों की पगड़ियाँ उतारना सिख भावनाओं और सिखी के गौरव का निरादर है। उन्होंने कहा कि छात्रों का शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना उनका अधिकार है, जिस पर किसी भी प्रकार की रोक लगाना प्रशासन की धक्केशाही (तानाशाही) है।
शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि यूनिवर्सिटी के छात्र सिख भावनाओं को लेकर लगातार मांग कर रहे थे, जिसे यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अनसुना कर दिया और पुलिस से लाठीचार्ज करवाकर छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सिखों के साथ ऐसी घटनाओं का घटना बड़ी चिंता का विषय है। देश के विकास में बड़ा योगदान देने वाले सिखों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना प्रशासन की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने सिख युवाओं की दस्तारें उतारने वाले दोषी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सिख की दस्तार का निरादर करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
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