अमृतसर , जनवरी 29 -- पंजाब पुलिस ने विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सहयोग से राज्य में दो अलग-अलग स्थलों से 45 किलोग्राम हेरोइन और भारी मात्रा में गोलाबारूद बरामद करने में सफलता हांसिल की है।

पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने गुरुवार को बताया कि अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) के सहयोग से लगभग 215 करोड़ रुपये की 42.9 किलोग्राम हेरोइन, चार हैंड ग्रेनेड और एक स्टार-मार्क पिस्तौल सहित 46 कारतूस बरामद करके सरहद पार से मादक पदार्थ-आतंकवाद नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। बरामद हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 225 करोड़ रुपये आंकी गयी है।

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि यह ऑपरेशन वीडीसीज़-पंजाब सरकार की प्रमुख पहलकदमी जिसका उद्देश्य आंतरिक सुरक्षा और नशा विरोधी प्रयासों में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करना है, के माध्यम से प्राप्त कार्रवाईयोग्य और विश्वसनीय गुप्त जानकारी के आधार पर चलाया गया है। उन्होने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि बरामद की गई नशीली दवाएं, हथियार और विस्फोटक सामग्री अंतरराष्ट्रीय सरहद पार से ड्रोन के माध्यम से भेजी गई थी, जिससे इस खेप में संगठित सरहद पार नारको-आतंकवाद नेटवर्क की संलिप्तता का पता चलता है।

डीजीपी ने बताया कि इस उपरांत जांच के दौरान अमृतसर के निवासी दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। फरार मुलिजमों को ट्रेस करने, बरामदगी संबंधी लिंक का पता लगाने और व्यापक साजिश का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है।

इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक बॉर्डर रेंज संदीप गोयल ने बताया कि वीडीसी नेटवर्क के माध्यम से प्राप्त जानकारी पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने गांव ऊठियां में एक मोटरसाइकिल को रोका। उन्होंने बताया कि पुलिस की मौजूदगी का पता लगने पर संदिग्ध व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेप सहित मोटरसाइकिल छोड़कर आसपास के खेतों की ओर भाग गए। उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों ने तुरंत आसपास के खेतों में एक योजनाबद्ध तलाशी अभियान चलाया जिसके परिणामस्वरूप नशीले पदार्थों, हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद हुई। उन्होने बताया कि अपरोपियों की पहचान करने और उन्हें काबू करने, अगले-पिछले संबंधों का पता लगाने और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है।

एक अन्य घटना में काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) फरीदकोट ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ तालमेल से फाज़िल्का के गांव तेजा रुहेला स्थित सीमा चौकी (बीओपी) जीजी-3 पर सीमा पार से तस्करी की एक बड़ी कोशिश को सफलतापूर्वक नाकाम कर 2.1 किलोग्राम हेरोइन और 21 अत्याधुनिक पिस्तौल सहित गोला-बारूद बरामद किया है।

श्री यादव ने बताया कि बरामद किए गए हथियारों और गोला-बारूद में 22 मैगज़ीन सहित 11 ग्लॉक पिस्तौल, एक मैगज़ीन सहित एक बेरेटा पिस्तौल, 10 मैगज़ीन सहित पांच ज़िगाना पिस्तौल, पांच मैगज़ीन सहित तीन नोरिन्को पिस्तौल, एक मैगज़ीन सहित एक गफ्फार सिक्योरिटी पिस्तौल (एमपी-5 टाइप) और 310 जिंदा कारतूस (9 एमएम) शामिल हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पाकिस्तान आधारित तस्करों ने कार्रवाई को अंजाम देने के लिए ज़ीरो लाइन पार की और रात के अंधेरे तथा घनी धुंध का लाभ उठाते हुए भारतीय क्षेत्र में हथियार और मादक पदार्थ भेजने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस घटना को देखते हुए बीएसएफ के सतर्क जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई राउंड फायर किए, जिसके बाद काउंटर इंटेलिजेंस टीम के साथ संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान इस कोशिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया गया।

एआईजी सीआई गुरसेवक सिंह बराड़ ने बताया कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने बीएसएफ फाज़िल्का के साथ मिलकर गुरुवार सुबह एक विशेष योजना बनाई और फाज़िल्का के गांव तेजा रुहेला क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाया। पाकिस्तानी तस्करों ने खेप को आगे भेजने की कोशिश की तो बीएसएफ के तैनात जवानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए इस घटना को पूरी तरह नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के परिणामस्वरूप मौके से हथियारों, गोला-बारूद और मादक पदार्थों की बड़ी बरामदगी हुई है। इस घटना से जुड़े स्थानीय तस्कर की पहचान कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है।

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