होशियारपुर , फरवरी 24 -- पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कुछ विदेशी ताकतें पाकिस्तान की मदद कर रही हैं, जो ड्रोन के माध्यम से पंजाब में नशीले पदार्थ और हथियार भेज रही हैं, ताकि राज्य को अस्थिर किया जा सके और देश की युवा पीढ़ी को कमजोर किया जा सके।

यहां डीएवी कॉलेज ऑफ एजुकेशन से 'पीपुल्स वॉक अगेंस्ट ड्रग्स' का नेतृत्व करते हुए श्री कटारिया ने कहा कि पंजाब को नशा-मुक्त बनाना और 'रंगला पंजाब' की भावना को पुनर्स्थापित करना तभी संभव है, जब नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान को जन-आंदोलन का रूप दिया जाये।

पदयात्रा सुबह डीएवी कॉलेज ऑफ एजुकेशन से शुरू हुई, शहर के विभिन्न बाजारों से होकर गुजरी और कॉलेज परिसर में ही संपन्न हुई। कुलपतियों, शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों, एनजीओ, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, छात्रों और प्रमुख नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर नशा-मुक्त पंजाब का संकल्प लिया। छात्रों ने नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किये। राज्यपाल का सामाजिक एवं व्यापारी संगठनों तथा कॉलेज प्रबंधन द्वारा सम्मान भी किया गया।

मीडियाकर्मियों से बातचीत में श्री कटारिया ने कहा कि पाकिस्तान अकेले इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ और हथियार लगातार सीमा पार भेजने की क्षमता नहीं रखता, जिससे बड़े विदेशी तत्वों की संभावित संलिप्तता का संकेत मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में शांति भंग करने और युवाओं को निशाना बनाने के लिए ड्रोन के जरिये तस्करी की जा रही है। उन्होंने कहा, " हमारे सुरक्षा बल मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं और नियमित रूप से ऐसे जखीरे को पकड़कर नष्ट कर रहे हैं।" उन्होंने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम और अन्य कड़े उपायों को मजबूत किया जा रहा है।

श्री कटारिया ने कहा कि वह दिसंबर 2024 में पंजाब लिट फाउंडेशन के संस्थापक और लेखक खुशवंत सिंह के निमंत्रण पर आयोजित एक समान एंटी-ड्रग मार्च में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने दो दिनों में लगभग 16-17 किलोमीटर पैदल यात्रा की थी। यह यात्रा वरिष्ठ मैराथन धावक फौजा सिंह के निवास से शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि उस दौरान गांवों, महिलाओं और बच्चों की व्यापक भागीदारी ने समस्या की गंभीरता और जमीनी स्तर पर जन-जागरण की आवश्यकता को रेखांकित किया। बाद में उन्होंने इस अभियान के तहत छह दिवसीय पदयात्रा भी की।

श्री कटारिया ने कहा, " यह न तो राज्यपाल का आंदोलन है और न ही किसी राजनीतिक दल का। यह पंजाब का आंदोलन है।" उन्होंने जोर दिया कि एक जीवंत और नशा-मुक्त पंजाब विकास और बेहतर कानून-व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर नशा-मुक्त बनाना होगा, क्योंकि राज्य का भविष्य युवाओं पर निर्भर है। पंजाब सरकार के चरणबद्ध अभियान 'वार अगेंस्ट ड्रग्स' का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी सफलता के लिए शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक और सामाजिक संगठनों, पंचायतों तथा नागरिकों के सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। पंजाब के बलिदानों के इतिहास का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि नशा केवल व्यक्तियों को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा, " यदि सैनिक देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर सकते हैं, तो हम सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए एकजुट क्यों नहीं हो सकते? "सीमा से सटे गांव में डेरा बाबा नानक उपमंडल (जिला गुरदासपुर) के एक चेकपोस्ट पर हाल ही में पुलिस कर्मियों की मौत के संबंध में पूछे गये सवाल पर श्री कटारिया ने कहा कि मामला जांच के अधीन है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, हालांकि मादक पदार्थों की तस्करी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

कानून-व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि राज्य में अशांति का एक बड़ा कारण नशा है और इस पर नियंत्रण से स्थिति में सुधार आएगा। उन्होंने कहा, " स्थिति आदर्श नहीं है। हम सभी को मिलकर काम करना होगा। इसे किसी एक व्यक्ति पर छोड़ देने से समस्या हल नहीं होगी। "बाद में राज्यपाल ने होशियारपुर में ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) के सदस्यों से मुलाकात की और गांव स्तर पर सतर्कता मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कानून-व्यवस्था बनाये रखने में वीडीसी की महत्वपूर्ण भूमिका है और युवाओं को खेल, सांस्कृतिक और विकासात्मक गतिविधियों में शामिल करने की अपील की। उन्होंने लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया और गोपनीयता का आश्वासन दिया।

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