चंडीगढ़ , मार्च 06 -- पंजाब के घरों, व्यवसायों और उद्योगों के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की दरों में सभी श्रेणियों में कटौती की गयी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दरों में 1.5 रुपये प्रति यूनिट, वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं के लिए 79 पैसे प्रति यूनिट और औद्योगिक इकाइयों के लिए 74 पैसेप्रति यूनिट तक की कमी की गयी है।
पंजाब राज्य विद्युत नियामक आयोग (पीएसईआरसी) द्वारा शुक्रवार को जारी यह नया टैरिफ आदेश एक अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक प्रभावीरहेगा।बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने इसे एक बड़ा जन-हितैषी कदम बताया और कहा कि यह कटौती परिवारों को बड़ी राहत देगी और पंजाब के उद्योगोंकी प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने न केवल अपनी वित्तीय स्थिति सुधारी है, बल्कि दक्षता में भी नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
संशोधित टैरिफ संरचना की मुख्य विशेषताओं अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति माह 300 यूनिट (प्रति बिलिंग चक्र 600 यूनिट) की मुफ्त बिजली योजना जारी रहेगी। 300 यूनिट से अधिक की खपत पर भी दरों में 0.70 पैसे प्रति यूनिट की कटौती की गयी है। दो किलोवाट से सात किलोवाट के लोड वाले घरों के लिए फिक्स्ड चार्ज में पांच रुपये प्रति किलोवाट और सात किलोवाट से 20 किलोवाट के लोड के लिए 10 रुपये प्रति किलोवाट की कमी की गयी है। वाणिज्यिक उपभोक्ता के लिए सात किलोवाट तक के लोड के लिए, 500 यूनिट तक की खपत पर 0.79 रुपये प्रति यूनिट और 500 यूनिट से अधिक पर 0.65 रुपये प्रति यूनिट की राहत दी गयी है। सात किलोवाट से 20 किलोवाट के लोड के लिए फिक्स्ड चार्ज 10 रुपये प्रति किलोवाट कम किया गया है। औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ऊर्जा शुल्कों में कोई वृद्धि नहीं की गयी है। 50 किलोवाट तक के औद्योगिक कनेक्शनों के लिए फिक्स्ड चार्ज 10 रुपये प्रति किलोवाट और 50-100 किलोवाट के लिए 15 रूपये प्रति किलोवाट कम किया गया है।
वकीलों को विशेष राहत देते हुए कोर्ट परिसरों में स्थित और बार काउंसिल के साथ पंजीकृत वकीलों के चैंबरों से अब वाणिज्यिक के बजाय घरेलू दरों पर बिजली बिल लिया जाएगा। इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशनों की दर घटाकर पांच रुपये प्रति यूनिट कर दी गयी है, जो देश में सबसे कम दरों में से एक है।
बिजली दरों में बदलाव से पंजाब में बिजली आपूर्ति की औसत लागत पिछले वर्ष के 7.15 रुपये से घटकर 6.15 रुपये प्रति यूनिट रह गयी है, जो पिछले 10वर्षों में सबसे कम है। परिचालन दक्षता के कारण उपभोक्ताओं को कुल 7851 करोड़ रुपये की राहत मिली है। पीएसपीसीएल ने वितरण घाटे में 20 प्रतिशत की कमी लाने और नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
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