नयी दिल्ली , अप्रैल 27 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पंजाब पुलिस के पूर्व डी.आई.जी. हरचरण सिंह भुल्लर और अन्य से संबंधित कई स्थानों पर तलाशी अभियान चला रहा है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सी.बी.आई.), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ए.सी.बी.), चंडीगढ़ ने पूर्व डी.आई.जी. और अन्य के खिलाफ मामले दर्ज किये हैं, उनके आधार पर ही ये कार्रवाई की जा रही है। इन मामलों में आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति और एक आपराधिक मामले के निपटारे के लिए बिचौलिए के माध्यम से अवैध धनराशि की मांग जैसे आरोप शामिल हैं।
प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी ने कहा, "आरोपी, सहयोगियों और संदिग्ध बेनामीदारों से जुड़े 11 परिसरों (चंडीगढ़-2, लुधियाना जिला-5, पटियाला-2, नाभा-1 और जालंधर-1) में धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 17 के तहत तलाशी ली जा रही है।" अधिकारी ने बताया कि तलाशी का उद्देश्य अपराध से अर्जित आय का पता लगाना, बेनामी संपत्तियों की पहचान करना और धन शोधन से संबंधित साक्ष्य एकत्र करना है।
गौरतलब है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) ने पिछले साल अक्टूबर में पूर्व उप महानिरीक्षक (डी.आई.जी.) हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। उन्हें 17 अक्टूबर, 2025 को एक अन्य मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।
सीबीआई की प्रथम सूचना रिपोर्ट के अनुसार, आकाश बारा ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पंजाब पुलिस के डीआईजी (रोपड़ रेंज) भुल्लर और एक निजी व्यक्ति कृषानु के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 61 (2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एवं 7ए के तहत 16 अक्टूबर को एक नियमित मामला दर्ज किया गया था।
सीबीआई ने इस मामले में बिचौलिए आरोपी कृषानु को शिकायतकर्ता से श्री भुल्लर के लिये पांच लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इसके बाद सीबीआई ने श्री भुल्लर और बिचौलिए कृषानु को गिरफ्तार कर लिया।
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