चंडीगढ़ , अप्रैल 07 -- पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमाने मंगलवार को घोषणा की कि आबकारी और कराधान विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राजस्व संग्रह में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि 11,200 करोड़ रुपये के संशोधित आबकारी राजस्व लक्ष्य के मुकाबले, विभाग ने 31 मार्च 2026 तक 11,782 करोड़ रुपये का सफलतापूर्वक संग्रह किया है, जो निर्धारित लक्ष्य से 582 करोड़ रुपये अधिक है।
वित्त मंत्री ने इस सफलता का श्रेय राज्य सरकार के सक्रिय शासन और व्यापार-अनुकूल नीतियों को दिया। उन्होंने ऐतिहासिक बदलाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में आबकारी राजस्व लगभग दोगुना हो गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व 6,254.84 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 11,782 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि पारदर्शिता और अनुपालन सुनिश्चित करते हुए राजस्व को अधिकतम करने की विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
आगामी वित्त वर्ष के ब्लूप्रिंट का विवरण देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि 2026-27 के लिए लाइसेंस शुल्क का लक्ष्य 10,520 करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि 2025-26 में यह 9,877 करोड़ रुपये था। राज्य के सभी 207 रिटेल शराब समूहों का वर्ष 2026-27 के लिए आवंटन पूरा हो चुका है। यह आबकारी नीति में लाइसेंसधारियोंके भरोसे को दर्शाता है।
नयी नीति ने शराब व्यापार में स्थिरता सुनिश्चित की है और सरकारी खजाने में राजस्व का निरंतर प्रवाह बनाये रखा है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। सरकार को विश्वास है कि प्रवर्तन को मजबूत करके और रणनीतिक नीतिगत हस्तक्षेप के माध्यम से इस लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा।
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