पटियाला , दिसंबर 20 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कहा कि विमानन क्षेत्र में पंजाब प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभरेगा, क्योंकि राज्य सरकार विमानन उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार युवाओं को किफायती और विश्व स्तरीय प्रशिक्षण देकर उनके सपनों को उड़ान देने में बड़े प्रयास कर रही है।

पटियाला फ्लाइंग क्लब में विमान इंजीनियरों और प्रशिक्षुओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार उद्योग की जरूरतों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, किफायती और विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करके एक मजबूत विमानन पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रही है, जिससे किसानों, दुकानदारों और शिक्षकों के बच्चे भी उन करियर के सपने देख सकें जो कभी उनकी पहुंच से बाहर माने जाते थे। उन्होंने कहा कि पटियाला फ्लाइंग क्लब में 32 प्रशिक्षु पायलटों और पटियाला एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कॉलेज के 72 छात्रों के साथ विचार-विमर्श सत्र में शामिल होकर उन्हें बहुत खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि 32 प्रशिक्षु पायलटों में से अधिकांश अपने परिवार की पहली पीढ़ी हैं, जो विमानन क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।

श्री मान ने कहा कि निजी संस्थानों में कमर्शियल पायलट बनने के लिए 40-45 लाख रुपये खर्च आते हैं, जबकि पटियाला फ्लाइंग क्लब में लगभग 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है, जिससे 22-25 लाख फीस रह जाती है। फीस में लगभग 20 लाख रुपये की कटौती से दुकानदार, शिक्षक, किसान, क्लर्क और साधारण घरों के अन्य युवा अब पायलट बनने का सपना देख सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटियाला एविएशन कॉम्प्लेक्स में सात करोड़ रुपये की लागत से 'एविएशन म्यूजियम' स्थापित किया जा रहा है और यह संग्रहालय मिग विमान, दूसरी पीढ़ी के हेलीकॉप्टर, सिमुलेटर और एविएशन विरासत को प्रदर्शित करेगा, जो छात्रों और जनता को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा। उन्होंने इस अवसर पर सिविल एविएशन विभाग की नई वेबसाइट भी लॉन्च की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटियाला स्टेट एविएशन काउंसिल, पंजाब का उद्देश्य हर बच्चे को आकाश में उड़ान भरने का सपना पूरा करने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि दशकों से पायलट बनने का प्रशिक्षण केवल बहुत अमीर लोगों के लिए ही संभव था, लेकिन सरकार के सहयोग और सब्सिडी से पंजाब ने पटियाला फ्लाइंग क्लब के माध्यम से ऐसी बाधाओं को समाप्त कर दिया है। श्री मान ने कहा कि फ्लाइंग क्लब की स्थापना वर्ष 1965 में हुई थी और यह 253 एकड़ में फैला हुआ है, जिससे यह भारत के सबसे बड़े विमानन प्रशिक्षण कैंपसों में से एक बन गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटियाला फ्लाइंग क्लब देश भर में सातवें स्थान पर है और क्लब वर्तमान में सात प्रशिक्षण विमान संचालित करता है, जिसमें पांच सिंगल-इंजन विमान, दो मल्टी-इंजन विमान और एक टेक्नाम पी2006टी (नया शामिल किया गया विमान जो इटली से पांच करोड़ रुपये में खरीदा गया) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सुविधाओं में पटियाला एयरफील्ड पर रात्रि लैंडिंग क्षमता और अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रशिक्षण का अनुभव शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 33 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जातियों और पिछड़ी जाति के छात्रों के लिए आरक्षित हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि इस क्षेत्र में साधारण घरों के बच्चों को भी अवसर प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि इंडिगो, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट जैसी प्रमुख भारतीय एयरलाइंस, टेक्नाम, बोइंग और वीएसआर एविएशन जैसी जनरल एविएशन फर्में, चार्टर कंपनियां और एमआरओ संस्थाएं तथा अन्य फ्लाइंग क्लब, जहां वे फ्लाइट इंस्ट्रक्टर के रूप में काम करते हैं, इस प्रतिष्ठित संस्था के प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार प्रदान करते हैं।

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