चंडीगढ़ , मार्च 14 -- मोगा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली से पहले, पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने शनिवार को केंद्र सरकार से पंजाब के रुके हुए फंड, भारी जीएसटी नुकसान, बाढ़ राहत, उद्योग, नशा तस्करी, रोजगार और एलपीजी की बढ़ती कीमतों जैसे मुद्दों पर स्पष्ट जवाब की मांग की।
श्री अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पंजाबियों की मेहमानों का सम्मान करने की लंबी परंपरा है, लेकिन इस बार पंजाब के लोग गृह मंत्री से जवाबदेही की उम्मीद करते हैं। उन्होंने कहा, " अमित शाह जी पंजाब की धरती पर आए हैं, हम उनका स्वागत करते हैं। लेकिन तीन करोड़ पंजाबियों की चिंता सरल है-खाली वादे न करें और फिर से जुमले न सुनाएं।"उन्होंने पूछा कि पंजाब के ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) और मार्केट डेवलपमेंट फंड (एमडीएफ) का पैसा क्यों रोका गया है, जो राज्य के मेहनतकश किसानों का है। उन्होंने कहा कि जीएसटी मुआवजे की व्यवस्था केवल पांच साल रही, जिससे पंजाब को 60,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। साथ ही, पीएम मोदी द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपये की बाढ़ राहत का चेक आज तक पंजाब नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि नशा अक्सर उन अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से आता है जो केंद्र के नियंत्रण में हैं या गुजरात जैसे राज्यों के बंदरगाहों के रास्ते आता है। उन्होंने केंद्र से पूछा कि वह इसे रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठा रहा है। उन्होंने बरनाला की एक दुखद घटना का जिक्र किया जहां सिलेंडर की लाइन में लगे व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गयी। उन्होंने इसे केंद्र की घरेलू और विदेशी नीतियों की विफलता बताया।
श्री अरोड़ा ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि यदि श्री शाह वास्तव में पंजाब के प्रति जिम्मेदारी महसूस करते हैं, तो उन्हें अपनी रैली के दौरान इन आठ सवालों का जवाब देना चाहिए। पंजाब को खोखले नारों की नहीं, बल्कि ठोस समाधान की जरूरत है।
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