चंडीगढ़ , अप्रैल 08 -- हरियाणा मंत्रिमंडल ने राज्य में लागू पंजाब कोर्ट्स एक्ट, 1918 की धारा-30 में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया।
इस संशोधन का उद्देश्य पुराने कानूनी प्रावधानों को अपडेट कर वर्तमान कानूनों के अनुरूप बनाना और व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करना है। मौजूदा प्रावधानों में इंडियन सक्सेशन एक्ट, 1865 और प्रोबेट एंड एडमिनिस्ट्रेशन एक्ट, 1881 का उल्लेख था, जिन्हें अब हटाकर इंडियन सक्सेशन एक्ट, 1925 को लागू किया गया है।
यह बदलाव पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा दिये गये सुझावों के आधार पर किया गया, जिन्होंने कानून में मौजूद असंगतियों की ओर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया था।
मंत्रिमंडल ने धारा-30 के उपखंड (2) के क्लॉज (ए) में आवश्यक संशोधन करते हुए पुराने कानूनों के स्थान पर इंडियन सक्सेशन एक्ट, 1925 को प्रतिस्थापित करने की मंजूरी दी।
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