चंडीगढ़ , जनवरी 01 -- पंजाब के व्यापारिक समुदाय और उद्योग जगत को बड़ी राहत देते हुए, राज्य सरकार ने 'बकाया राशि की वसूली के लिए पंजाब एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना, 2025' की समय सीमा को 31 मार्च, 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
राज्य के वित्त, योजना, उत्पाद शुल्क और कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने गुरुवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (जीएसटीपीए) पंजाब सहित विभिन्न हितधारकों के अभ्यावेदनों के बाद इस विस्तार को औपचारिक मंजूरी दी। यह निर्णय नवंबर और दिसंबर 2025 के दौरान करदाताओं द्वारा सामना किये गये भारी वैधानिक अनुपालन बोझ के जवाब में लिया गया है, जिसमें विभिन्न कर दाखिल करने की समय सीमाएं आपस में टकरा रही थीं। इसके अतिरिक्त, वैट आकलन आदेशों की लंबित सेवा जैसी व्यावहारिक चुनौतियों के कारण कई पात्र करदाताओं के लिए मूल 31 दिसंबर, 2025 की समय सीमा से पहले अपनी सटीक देनदारियों का निर्धारण करना मुश्किल हो गया था।
श्री चीमा ने कहा कि आज तक, 6,348 ओटीएस आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4,365 आवेदनों को मंजूरी दी गयी है, जिनमें कर, ब्याज और जुर्माने की कुल राशि 311.07 करोड़ रुपये है। इस राशि में से, ओटीएस योजना के तहत 65.81 करोड़ रुपए की वसूली की गयी है, जबकि 245.26 करोड़ रुपए माफ किये गये हैं। एक अक्टूबर को शुरू की गयी ओटीएस योजना-2025 करदाताओं के लिए सबसे हितैषी पहलों में से एक है, जिसका उद्देश्य लंबित मुकदमों को कम करना और राज्य के लिए अवरुद्ध राजस्व को पुनः प्राप्त करना है। मांग राशि के आधार पर, करदाता ब्याज और जुर्माने पर 100 फ़ीसदी तक की छूट और मूल कर राशि पर महत्वपूर्ण छूट का लाभ उठा सकते हैं।
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