पटना , फरवरी 11 -- बिहार भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि की अध्यक्षता में बुधवार को पंचायत सरकार भवन के निर्माण में तेजी लाने लिये समीक्षा बैठक की गई।

प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग की ओर से किए जा रहे 2610 पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की प्रगति से सचिव श्री रवि को अवगत कराया गया।

बैठक में विभाग के अपर सचिव, मुख्य अभियंता, निदेशक अनुश्रवण सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में क्षेत्रीय अभियंतागण ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।

बैठक में सचिव श्री रवि को अवगत कराया गया कि 1900 से अधिक पंचायत सरकार भवनों में निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनमें से 300 पंचायत सरकार भवनों में फिनिशिंग कार्य किया जा रहा है, जिसे जल्द ही पूर्ण कर लिया जाएगा।

भवन निर्माण विभाग द्वारा निर्मित 337 भवनों का लोकार्पण किया जा चुका है तथा अगले दो-तीन माह में 1000 और पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूर्ण करने का लक्ष्य है। इन भवनों का निर्माण आधुनिक डिजाइन एवं अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्रियों से किया जा रहा है।

सचिव श्री रवि ने पंचायत सरकार भवन के निर्माण के साथ-साथ हैंडओवर की प्रकिया में भी तेजी लाने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि भवनों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच के लिए विशेष जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। पंचायत सरकार भवनों का निर्मित क्षेत्रफल सामान्य क्षेत्रों में 7202 वर्गफीट और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 9538 वर्गफीट निर्धारित है।

सचिव श्री रवि ने कार्यपालक अभियंताओं को गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि भवनों के निर्माण में किसी तरह की लापरवाही न हो और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य कराना सुनिश्चित करें।अभियंताओं को लक्ष्य निर्धारित कर भवनों का निर्माण पूर्ण करने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य को मिशन मोड में पूर्ण करें एवं टाइमलाइन का पालन करें।

श्री रवि ने कहा कि पंचायत सरकार भवनों का निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन भवनों में राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे जनता को स्थानीय स्तर पर ही सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। पंचायत भवन में पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव, सरपंच, राजस्व कर्मचारी समेत अन्य कर्मियों की बैठने के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी।

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