हैदराबाद , दिसंबर 16 -- तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए ग्राम पंचायतों और इंदिराम्मा घरों जैसी कल्याणकारी योजनाओं के फंड को जनता का पैसा बताया, न कि कांग्रेस नेताओं की निजी संपत्ति है।
श्री रामाराव ने पार्टी कार्यालय तेलंगाना भवन में खानापुर और शादनगर निर्वाचन क्षेत्रों के नए चुने गए सरपंचों, उप-सरपंचों और वार्ड सदस्यों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों से राजनीतिक धमकियों के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने का आग्रह किया।
कांग्रेस विधायकों की धमकियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा , "हम एक परेशान करने वाला चलन देख रहे हैं जहां विधायक मतदाताओं और चुने हुए प्रतिनिधियों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। यह साफ होना चाहिए कि इंदिराम्मा घर और विकास फंड इन नेताओं की निजी विरासत या जागीर नहीं हैं। वे केवल सार्वजनिक धन के ट्रस्टी हैं। लाभार्थियों की पहचान करने का अधिकार ग्राम सभाओं और सरपंचों के पास है, जैसा कि संविधान में लिखा है।" उन्होंने कांग्रेस प्रशासन की वित्तीय स्थिति का मजाक उड़ाते हुए कहा कि कई विधायक विश्व बैंक को लिख रहे हैं या सार्वजनिक मंचों पर फंड के लिए गुहार लगा रहे हैं।
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