लखनऊ , दिसम्बर 14 -- महराजगंज के सांसद व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी रविवार को उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित हो गये हैं।

केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने पंकज चौधरी के अध्यक्ष बनने का औपचारिक ऐलान लखनऊ स्थित डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के लोहिया सभागार में आयोजित कार्यक्रम में किया। दरअसल अध्यक्ष पद के लिए पंकज चौधरी ही एकमात्र उम्मीदवार थे, इसलिए नामांकन के दिन ही उनके चुने जाने की तस्वीर साफ हो गई थी।

प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचन की घोषणा केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने की। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचन के केंद्रीय प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, प्रदेश चुनाव अधिकारी व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय भी मंच पर उपस्थित रहे। डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने पंकज चौधरी की जीत की औपचारिक घोषणा करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, निवर्तमान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश देखने को मिला।

पंकज चौधरी प्रदेश भाजपा के 17वें अध्यक्ष बने हैं। वे कुर्मी बिरादरी से आने वाले पार्टी के चौथे प्रदेश अध्यक्ष हैं। इससे पहले विनय कटियार, ओम प्रकाश सिंह और स्वतंत्रदेव सिंह इस बिरादरी से प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। अध्यक्ष पद की दौड़ में शुरुआत में कई नामों की चर्चा थी, लेकिन पंकज चौधरी का नाम सामने आते ही सियासी समीकरण तेजी से उनके पक्ष में बनते चले गए।

श्री चौधरी के अध्यक्ष बनने से पूर्वांचल, खासकर गोरखपुर का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी, दोनों ही गोरखपुर क्षेत्र से आते हैं। ऐसे में अब एक के हाथ में सरकार की कमान है तो दूसरे के हाथ में संगठन की जिम्मेदारी, जिससे गोरखपुर भाजपा की सत्ता और रणनीति का नया केंद्र बनकर उभरा है।

गौरतलब है कि भाजपा के संगठनात्मक चुनावों के इतिहास में यह महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। लक्ष्मीकांत बाजपेयी के चुनाव के बाद यह पहला मौका है जब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया अपनाई गई। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि पंकज चौधरी के नेतृत्व में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और आगामी चुनावों में भाजपा को इसका लाभ मिलेगा।

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