जयपुर , फरवरी 04 -- राजस्थान में उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण सेवा-कानूनी फैसले में स्पष्ट किया है कि न्यायिक सेवा कोई साधारण नौकरी नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक विश्वास का पद है और ऐसे में न्यायिक अधिकारियों की ईमानदारी एवं निष्पक्षता पर संदेह नहीं किया जा सकता।
इस टिप्पणी के साथ ही उच्च न्यायालय ने एक न्यायिक अधिकारी की अनुशासनात्मक कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका को बुधवार को खारिज कर दिया।
संविधान के अनुच्छेद 235 के तहत उच्च न्यायालय को राज्य न्यायिक सेवा के अधिकारियों पर नियंत्रण एवं अनुशासनात्मक अधिकार प्राप्त हैं, जिसके तहत न्यायिक सेवा की उच्च नैतिक अपेक्षाएं निर्धारित की गई हैं। न्यायालय ने कहा कि न्यायिक सेवा केवल सरकारी नौकरी नहीं है, बल्कि जनता के प्रति सर्वोच्च स्तर का विश्वास और जवाबदेही का पद है। इसलिए, न्यायपालिका के अधिकारियों से अपेक्षित है कि वे न सिर्फ कानून के अनुपालन में, बल्कि नैतिक और आचार संहिता के मानदंडों में भी सर्वोच्च स्तर का प्रदर्शन करें।
उच्च न्यायालय ने यह भी रेखांकित किया कि न्यायिक अधिकारियों की भूमिका में अनुशासनात्मक कार्रवाई का उद्देश्य केवल दंड नहीं, बल्कि न्यायपालिका में विश्वास बनाए रखना है। अदालत ने कहा कि जब कोई प्राधिकारी नैतिक और पेशेवर मानकों का उल्लंघन करता है, तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई लागू होना चाहिए और उसे चुनौती देने के लिए न्यायालय का रास्ता बंद नहीं है, लेकिन केवल यह दावा करना कि सेवा तो न्यायपालिका की है, कर्तव्यों के मानदंडों को कमजोर नहीं कर सकता।
यह मामला सुश्री सीमा जैन विरुद्ध राजस्थान उच्च न्यायालय और अन्य से जुड़ा है, जिसमें याचिकाकर्ता राजस्थान न्यायिक सेवा अधिकारी सीमा जैन ने विभागीय पूछ-ताछ के बाद सेवा से हटाए जाने के खिलाफ उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
सीमा जैन पर आरोप था कि उन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा एवं नैतिक दायित्वों का पालन नहीं किया, जिससे उनके न्यायिक पद की गरिमा को नुकसान पहुंचा। आरोपों के आधार पर उच्च न्यायालय ने नियम 16 के तहत विभागीय जांच शुरू की, जिसमें उन्हें दोषी पाया गया और सेवा से हटाने का निर्णय किया गया।
सीमा जैन ने इस निर्णय को राजस्थान उच्च न्यायालय में यह दावा करते हुए चुनौती दी कि अनुशासनात्मक कार्रवाई अनुचित थी और उन्हें न्याय नहीं मिला। याचिकाकर्ता ने कथित तौर पर जांच प्रक्रिया में विसंगतियों और साक्ष्यों के गलत मूल्यांकन का भी आरोप लगाया।
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