नयी दिल्ली , जनवरी 30 -- रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गणतंत्र दिवस परेड में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले मार्चिंग दस्तों और झांकी आदियों को शुक्रवार को पुरस्कृत किया जिसमें तीनों सेनाओं में नौसेना और केन्द्रीय पुलिस बलों में दिल्ली पुलिस को सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ते तथा महाराष्ट्र की 'गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का प्रतीक' झांकी को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों में जम्मू और कश्मीर की 'जम्मू और कश्मीर के हस्तशिल्प एवं लोकनृत्य' तथा केरल की 'वॉटर मेट्रो एवं 100 प्रतिशत डिजिटल साक्षरता: आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर केरल' को क्रमश द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिया गया। केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की श्रेणी में संस्कृति मंत्रालय की झांकी 'वंदे मातरम्: राष्ट्र की आत्मा की पुकार' को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को 'वंदे मातरम्: 150 वर्षों का स्मरणोत्सव' विषयक झांकी के लिए विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि 'वंदे मातरम्: द इटरनल रेज़ोनेंस ऑफ इंडिया' नृत्य समूह को भी विशेष सम्मान मिला। ये पुरस्कार तीन अलग-अलग निर्णायक मंडलों द्वारा मार्चिंग टुकड़ियों और झांकियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बाद दिये गये। मायगव पोर्टल पर नागरिकों के लिए आयोजित ऑनलाइन मतदान के आधार पर लोकप्रिय चयन श्रेणी के परिणामों में तीनों सेनाओं की श्रेणी में असम रेजिमेंट को सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी चुना गया, जबकि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सहायक बलों की श्रेणी में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल को यह सम्मान प्राप्त हुआ। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों में गुजरात की 'स्वदेशी-आत्मनिर्भरता-स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्', उत्तर प्रदेश की 'बुंदेलखंड की संस्कृति' और राजस्थान की 'रेगिस्तान का स्वर्णिम स्पर्श: बीकानेर गोल्ड आर्ट (उस्ता कला)' को सर्वाधिक लोकप्रिय झांकियों के रूप में चुना गया। केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की लोकप्रिय श्रेणी में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की झांकी 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: विकसित भारत की ओर भारतीय स्कूली शिक्षा की तीव्र उड़ान' को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया।
श्री सेठ ने परेड के दौरान उत्कृष्ट और अनुशासित प्रदर्शन के लिए सभी विजेताओं को बधाई दी और कहा कि 26 जनवरी राष्ट्र के उस सामूहिक संकल्प की पुष्टि करता है, जिसके माध्यम से सरकार द्वारा निर्धारित विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
रक्षा राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री एनसीसी रैली में युवाओं से किए गए आह्वान को दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक युवा को सप्ताह में कम से कम एक घंटा स्वच्छता से जुड़े किसी अभियान को समर्पित करना चाहिए और किसी चयनित स्थान पर स्वच्छता संबंधी गतिविधि की योजना बनानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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