जालंधर , फरवरी 10 -- पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक राणा गुरजीत सिंह ने मंगलवार को राज्य में नशे के इस्तेमाल और नशीले पदार्थों की तस्करी के मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसका मुख्य कारण बेरोजगारी को बताया।
श्री राणा ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा नशे के मुद्दे पर उन्हें आमंत्रित करने का स्वागत किया और कहा कि अब सिर्फ पैदल मार्च करके या जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नशे को खत्म नहीं किया जा सकता है। इसके लिए ठोस एक्शन लेने की जरूरत है। उन्होने कहा कि इस मुद्दे पर सिर्फ राजनीति हो रही है।
उन्होंने कहा कि ड्रग्स तस्करी और इसके इस्तेमाल के बढ़ने के पीछे प्रमुख कारण बेरोजगारी और कृषि की समस्या है। युवाओं के पास काम नहीं है। पंजाब में इंड्रस्टी की भारी कमी है। केंद्र सरकार की तरफ से पंजाब में इंड्रस्टी को उत्साहित करने के लिए बड़े पैकेज की जरूरत है। ताकि ज्यादा से ज्यादा इंडस्ट्री आए और नौजवानों को रोजागर मिले। सरकार राज्य में रोजगार पैदा करे, ताकि पंजाब की जवानी को नशे की दलदल से निकलाने में मदद मिले।
उन्होने कहा कि पंजाब सीमावर्ती राज्य है और यहां सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी कई दशकों से हो रही है। इसमें कोई कमी नहीं आ रही है। क्योंकि पंजाब के 50 किलोमीटर सीमा का एरिया केंद्र सरकार के कंट्रोल में है, तो इसके लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार जिम्मेदार है। उन्होने कहा कि राज्यपाल को चाहिए कि वह जागरूकता अभियान या पैदल रैलियां करने की बजाए केंद्र सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील करें, ताकि सीमा पार से नशे की तस्करी पर रोक लगाई जा सके।
श्री राणा ने कहा कि पाकिस्तान से ड्रोन भारतीय सीमा के 50 किलोमीटर भीतर तक लगातार आ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सीमा पार से लगातार ड्रोन के जरिए तस्करी हो रही है, तो क्या सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) अपना काम ठीक से नहीं कर पा रही है? अगर ऐसा है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होने कहा कि बीएसएफ ने पिछले एक साल में बॉर्डर पार से आई 367 किलो हेरोइन पकड़ी। यह आने वाली ड्रग्स का 5 से 10 फीसदी हो सकते हैं। जबकि बार्डर पार से आने बाकी अधिकतर ड्रग्स का तो कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। वहीं पंजाब पुलिस ने 2025 में दो टन ड्रग्स बरामद की है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में 272 ड्रोन पंजाब आए।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर ड्रोन पंजाब में ही क्यों आ रहे हैं? राजस्थान या गुजरात के बार्डर पर क्यों नहीं जाते हैं? यह राज्य में आम आदमी पार्टी और केंद्र में भाजपा की सरकार की नाकामी है, जोकि ड्रग्स की तस्करी को रोक नहीं पा रही हैं। उन्होंने पंजाब सरकार के "युद्ध नशे के विरूद्ध" अभियान पर भी तंज कसते हूए उन्होंने कहा कि यह पंजाब के लोगों को मूर्ख बनाने के लिए दिखावा किया जा रहा है। आप सरकार ने कुछ महीनों में नशा खत्म करने की बात कही थी, उसके बावजूद अभी तक नशे से युवा मर रहे हैं। घरों में नशे की सप्लाई बिना किसी रोकटोक के हो रही है।
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