गोरखपुर , फरवरी 14 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर के कैम्पियरगंज में बनने जा रहे प्रदेश के पहले वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय ;फॉरेस्ट्री एंड हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी. की डिग्री नौजवानों के लिए नौकरी की गारंटी होगी।
योगी ने शनिवार को गोरखपुर के जंगल कौड़िया ब्लॉक में पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय से डिग्री और डिप्लोमा लेकर निकलने वाले युवाओं के लिए देश और दुनिया में रोजगार के व्यापक अवसर होंगे और साथ ही यह विश्वविद्यालय अन्नदाता किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कैम्पियरगंज में बने गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। हमारे लिए किसी ने कुछ किया तो उसके प्रति कृतज्ञ होना हमारी जीवनशैली का हिस्सा है। गिद्धराज जटायु की मानव जाति पर बड़ी कृपा रही। माता सीता का हरण कर ले जा रहे रावण का पहला प्रतिकार गिद्धराज जटायु ने किया था। वह सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु की सवारी भी हैं।
उन्होंने कहा कि आज केमिकल और पेस्टिसाइड्स के इस्तेमाल के चलते गिद्धराज की संख्या कम होती जा रही और वे मर रहे हैं। ऐसे में गिद्धराज के प्रति कृतज्ञता जताने और उनको संरक्षण देने के लिए कैम्पियरगंज में संरक्षण केंद्र बनाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कैम्पियरगंज में प्रदेश का पहला वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। यहां युवाओं को जो डिप्लोमा व डिग्री मिलेगी, वह देश.दुनिया में नौकरी की गारंटी वाली होगी।
योगी ने कहा कि आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण प्रदूषण की है। वायु प्रदूषण से फेफड़े खराब होंगे और धीरे.धीरे पूरा शरीर खराब हो जाएगा। जब प्रदूषण नहीं होगा तो बीमारी भी नहीं होगी।
उन्होंने वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली की चर्चा करते हुए कहा कि वहां डॉक्टर दमा रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों को घर से बाहर न निकलने की सलाह देते हैं। यह स्थिति पर्यावरण के साथ खिलवाड़ से बनती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास भी है और दमघोंटू वातावरण से मुक्ति भी। इसी क्रम में कैम्पियरगंज में बनने जा रहा वानिकी विश्वविद्यालय पर्यावरण की चुनौतियों से निपटने में और कारगर सिद्ध होगा। यह वनाच्छादन बढ़ाने और किसानों की आमदनी में वृद्धि का भी नया प्रयास होगा।
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