हनुमानगढ़ , मार्च 30 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के नोहर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को आकस्मिक जांच करके पांचों लैबों को सील कर दिया।
इन इन लैंबों में पंजीयन न होना, बायो मेडिकल वेस्ट का गैर-मानक निस्तारण और फायर सेफ्टी की पूरी अनदेखी जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नवनीत शर्मा के निर्देश पर गठित चिकित्सकों के दल ने नोहर में अचानक निरीक्षण किया। दल ने अलवर लैब एंड एक्स-रे सेंटर, अरिहंत लैबोरेट्री, शुभम लैबोरेट्री, श्री लैबोरेट्री और सरदारजी लैबोरेट्री का जायजा लिया। जांच के दौरान कई खामियां पाई गईं। अधिकतर लैबों का क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीयन ही नहीं था या पंजीयन की मियाद खत्म हो चुकी थी। कई जगहों पर समय पर नवीनीकरण भी नहीं कराया गया था। बायो मेडिकल वेस्ट (चिकित्सा अपशिष्ट) का निस्तारण पूरी तरह गैर-मानक तरीके से हो रहा था। इससे न सिर्फ मरीजों और स्टाफ को संक्रमण की आशंका थी, बल्कि आसपास का पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा था।
दल में शामिल चिकित्सकों ने बताया कि किसी भी लैब ने बायो मेडिकल वेस्ट सर्टिफिकेट या राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरएसपीसीबी) का प्रमाणपत्र नहीं दिखाया। अलवर लैब एंड एक्स-रे सेंटर में तो पंजीयन होने के बावजूद अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र तक उपलब्ध नहीं था। जांच सुविधाओं की सूची भी बाहर नहीं लगाई गई थी। स्टाफ के पास जरूरी शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज भी नहीं मिले।
इन सभी कमियों को देखते हुए निरीक्षण दल ने तत्काल प्रभाव से पांचों लैबों को बंद करने का आदेश दे दिया। अब ये लैब तब तक दोबारा नहीं खुल सकेंगी, जब तक सभी दस्तावेज पूरे नहीं कर लिए जाते और मानक पूरे नहीं होते।
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