नोएडा , दिसंबर 05 -- उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 47 निवासी आर्किटेक्ट इंजीनियर एवं कंसल्टेंट से अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी का मामला प्रकाश में आया जहां साइबर ठगों ने पीड़ित से तीन महीने के भीतर 12 करोड़ रुपए ठगी की है।
साइबर पुलिस ने गुरुवार शाम को यह जानकारी देते हुए बताया कि आर्किटेक्ट इंजीनियर से कल शाम नोएडा सेक्टर 36 स्थित साइबर थाना में शिकायत प्राप्त हुई। जहां पीड़ित द्वारा लिखित शिकायत में बताया गया कि उनके मोबाइल फोन व्हाट्सएप पर अक्टूबर में एक अज्ञात महिला का मैसेज आया जिसमें महिला ने खुद को शेयर मार्केट का इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंट बताया गया, और महिला द्वारा शेयर मार्केट में निवेश की बात बताकर अच्छा मुनाफा दिलाने की बात कही और दोनों के बीच लंबी बातचीत के दौरान पीड़ित आर्किटेक्ट व्यक्ति को साइबर ठग महिला द्वारा बताए गए व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ने को कहा गया, जिसके कुछ समय पश्चात व्यक्ति व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़कर शेयर मार्केट निवेश की जालसाजी देख प्रलोभन में आकर ठगों द्वारा बताए गए लिंक को डाउनलोड कर लिया।
जहां पीड़ित द्वारा लिंक को ओपन किया गया और एक एप्लीकेशन फोन में डाउनलोड करते हुए साइबर ठगों द्वारा तैयार की गई शेयर मार्केट की फर्जी वेबसाइट में विभिन्न प्रकार के निवेश और लाभ दिखाकर पीड़ित को निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
तकरीबन एक माह बाद नवंबर में पीड़ित को पूर्व ग्रुप से हटाकर एक अन्य ग्रुप से जोड़ा गया, जहां पीड़ित को कई लोगों द्वारा शेयर मार्केट में निवेश करते दिखाया जा रहा था, जिसमें फर्जी निवेशकों द्वारा लगाए गए रुपयों का लाभ एवं फायदा स्क्रीन शॉर्ट के रूप में डाले जा रहे थे, जिसे देख पीड़ित व्यक्ति ने साइबर ठगों द्वारा बिछाए गए जाल में फंसकर साइबर ठगों के अनुसार इन्वेस्ट करना शुरू कर दिया। पीड़ित द्वारा किए गए निवेश के पश्चात साइबर ठगों ने शुरुआती दौर में इन्वेस्टमेंट की राशि डबल कर वापस किया गया। बाद में पीड़ित ने कई बार में साइबर ठगों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में निवेश के लिए करीब 11 करोड़ 99 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए, तथा निवेश के कुछ समय पश्चात उन रुपयों का अधिक लाभ पीड़ित को ग्रुप में दिखाया जाने लगा।
जब पीड़ित ने अपने निवेश किए गए रुपयों को लाभ सहित निकालने के लिए साइबर ठगों से कहा तो साइबर ठगों ने पैसे निकालने के एवज में विभिन्न टैक्स के रूप में पीड़ित से और 17 करोड़ रुपए की मांग की गई, पीड़ित द्वारा और पैसे न दिए जाने तथा अपने निवेश राशि को वापस मांगने पर साइबर ठगों द्वारा पीड़ित को ग्रुप से निकाल दिया गया।
पुलिस द्वारा बताया गया कि पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा पंजीकृत कर ट्रांसफर किए गए रुपयों के खातों की जानकारी प्राप्त कर जांच की जा रही है साथ ही संबंधित प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया है।
साइबर पुलिस द्वारा अपील की गई कि किसी भी प्रकार के निवेश आदि से लाभ के लालच में न आएं और किसी भी प्रकार के ऐप या लिंक कतई डाउनलोड न करें साइबर पुलिस लगातार कई माध्यमों से जिले में साइबर जागरूकता अभियान चला रही है।
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