गौतमबुद्धनगर , मई 05 -- जनहित एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के जिला गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्तालय में वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इस फेरबदल के तहत कई पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) स्तर के अधिकारियों को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में और अधिक प्रभावशीलता लायी जा सके।

पुलिस ने मंगलवार को जानकारी साझा करते हुए बताया कि नई व्यवस्था के अनुसार नोएडा के पुलिस उपायुक्त साद मियां खान अब पुलिस उपायुक्त एफआरआरओ और पुलिस उपायुक्त नारकोटिक्स के कार्यों का भी निर्वहन करेंगे। इससे विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों और नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में बेहतर समन्वय की उम्मीद है।

वहीं, रवि शंकर निम, जो पुलिस उपायुक्त मुख्यालय/प्रोटोकॉल का कार्यभार संभाल रहे हैं, उन्हें अब पुलिस उपायुक्त लाईन्स की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। इससे पुलिस बल के आंतरिक प्रबंधन और प्रोटोकॉल व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है।

इसी क्रम में, शैलेन्द्र कुमार सिंह, जो पुलिस उपायुक्त सेंट्रल नोएडा के रूप में कार्यरत हैं, अब पुलिस उपायुक्त (अपराध) के कार्य भी देखेंगे। इससे अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रियाओं में तेजी और बेहतर निगरानी की संभावना बढ़ेगी।

महिला सुरक्षा और साइबर अपराध के क्षेत्र में भी अहम बदलाव किया गया है। शैव्या गौयल, जो पहले से ही प्रभारी पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा और साइबर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, उन्हें अब अपर पुलिस उपायुक्त अभिसूचना एवं सुरक्षा तथा अपर पुलिस उपायुक्त कानून एवं व्यवस्था का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है। यह निर्णय विशेष रूप से महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

इस प्रशासनिक फेरबदल को पुलिस आयुक्तालय की कार्यक्षमता बढ़ाने और विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन बदलावों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित